फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी में अनूठा मंचन: बरेका की रामलीला में नए कलाकारों की एंट्री, 52 पात्रों की टीम, 14 बेटियों की भी भागीदारी

Sun, 13 Sep 2026 03:13 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बरेका की रामलीला में इस बार नए कलाकारों की एंट्री होगी। 52 पात्रों का चयन किया गया है। छह प्रमुख भूमिकाओं में नए कलाकारों को अभिनय की ट्रेनिंग मिल रही है।
विज्ञापन
बरेका में रावण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेका के केंद्रीय खेल मैदान में होने वाली रामलीला और दशहरा सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं है। यहां रामचरित मानस की चौपाइयों के बीच रामकथा मंच पर उतरती है और पात्र बिना एक शब्द बोले अपने अभिनय से कथा को जीवंत करते हैं। राम के वनगमन से रावण वध तक की इस अनूठी प्रस्तुति में इस बार राम, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, केवट, अंगद और जटायु की भूमिका नए कलाकार निभाएंगे। सबसे खास बात इसका मूक अभिनय है। मंच पर पात्र अपने संवाद स्वयं नहीं बोलते। वाचक और अन्य कलाकारों की आवाज में चौपाइयां और संवाद गूंजते हैं और पात्र अपनी भाव-भंगिमा व अभिनय से उन्हें जीवंत करते हैं।

विज्ञापन


इस बार रूपक में कई प्रमुख भूमिकाओं के लिए नए चेहरों को मौका मिला है। राम, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, केवट, अंगद और जटायु की भूमिका निभाने वाले नए कलाकार इन दिनों लगातार अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ संवाद और पात्र की जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि मंच पर भाव कैसे दिखाने हैं, किस समय किस तरह की मुद्रा रखनी है और कथा के अनुरूप अभिनय कैसे करना है, इसकी भी बारीकी से तैयारी कराई जा रही है।

रूपक के निदेशक एसडी सिंह के निर्देशन में प्रशिक्षण चल रहा है। प्रस्तुति में गीत, गजल, कजरी, कहरवा समेत विभिन्न लोकगीतों का भी समावेश रहेगा। संगीत और वाचन के साथ कलाकारों के अभिनय का तालमेल बैठाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

52 पात्रों की टीम, 14 बेटियां भी
इस बार 52 पात्र चुने गए हैं। इनमें 14 लड़कियां और 38 लड़के हैं। यानी रामकथा के मंच पर नई पीढ़ी की भागीदारी भी साफ दिखाई देगी। इसके अलावा एक व्यास, एक गायक, तीन गायिकाएं, तीन वाचक, नाल, बैंजो और तबला वादक, दो ग्रुप लीडर और चार मॉनिटर प्रस्तुति को संभालेंगे। मंच पर दिखने वाले पात्रों के पीछे यह पूरी टीम रामकथा को आवाज और लय देगी।

शमशाद का परिवार बना रहा रावण
मंडुवाडीह के शमशाद खान का परिवार करीब एक महीने से रावण के पुतले के निर्माण में लगा है। यानी मैदान पर रामकथा के पात्रों का अभ्यास चल रहा है तो दूसरी ओर रावण के पुतले को अंतिम रूप देने की तैयारी भी तेज हो गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें