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एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के सहयोग के बिना शिक्षण-प्रशिक्षण अधूरा : प्रो.संजीव

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बीएचयू आयुर्वेद संकाय के संज्ञाहरण विभाग की ओर से रविवार को आयोजित कार्यक्रम में संज्ञाहरण (एनेस्थीसिया) से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि बिना संज्ञाहरण विशेषज्ञों के सहयोग के बिना आयुर्वेद का शिक्षण-प्रशिक्षण अधूरा है। ऐसे में इस विधा के विशेषज्ञों की महती भूमिका है।
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ऑनलाइन कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 58 शल्य क्रियाओं की वैधानिक मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने संज्ञाहरण विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू करने और उसे पूर्ण वैधानिक मान्यता दिलाए जाने को समय की मांग बताया। विशिष्ट अतिथि संकाय प्रमुख प्रो.के एन द्विवेदी ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। भारतीय संज्ञाहारक एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो.डीएन पांडेय ने संज्ञाहरण दिवस मनाए जाने के बारे में बताया। कार्यक्रम में प्रो.केके ठकराल, प्रो.बाबू राम त्रिपाठी, प्रो.एससी वार्ष्णेय, प्रो. कुलवंत सिंह, प्रो. बी आर त्रिपाठी, वैद्य सुशील दुबे आदि मौजूद रहे। समारोह के अंत में लता मंगेशकर और पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. प्रेमवती तिवारी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
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