शिक्षा, खेल और विज्ञान के क्षेत्र में अपने विशिष्ट योगदान के लिए काशी के तीन शिक्षकों का मुख्यमंत्री और राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन किया गया है, जो पूरे प्रदेश में वाराणसी को पहले स्थान पर ले आया है। ओलंपियन ललित उपाध्याय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने वाले यूपी कॉलेज के शारीरिक शिक्षा शिक्षक उमेश सिंह, बालिकाओं की शिक्षा और स्कूल के विकास के लिए समर्पित हाथी बरनी इंटर कॉलेज के राजेश कुमार पाठक और विज्ञान शिक्षा में नवाचार लाने वाली आर्य महिला इंटर कॉलेज की शिक्षिका छाया खरे को यह सम्मान मिला है। आर्य महिला इंटर कॉलेज की विज्ञान शिक्षिका छाया खरे को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2024 के लिए चुना गया है।
26 वर्षों से अधिक समय से विज्ञान की शिक्षा दे रहीं छाया खरे ने विद्यालय के शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में छात्राओं ने जनपद और प्रांतीय स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विज्ञान संगोष्ठियों, इंस्पायर अवार्ड, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस और अन्य प्रतियोगिताओं में उनकी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है।
विशेष रूप से, एक विज्ञान शिक्षिका होने के बावजूद, उन्होंने काशी सांसद संस्कृत महोत्सव में शास्त्रीय गायन में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। उनका मानना है कि रचनात्मक गतिविधियों में निरंतर सहभागिता से छात्रों का आत्मबल और मनोबल सुदृढ़ होता है।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित दूसरे शिक्षक राजेश कुमार पाठक ने अपने 35 साल के अनुभव से शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत काम किया है। 2012 में विद्यालय में आने के बाद, उन्होंने विद्यार्थियों की संख्या को 470 से बढ़ाकर 1721 तक पहुंचा दिया। उनका अथक प्रयास सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा के लिए कई बेहतर कार्य किए, जिससे विद्यालय का परीक्षा परिणाम अब 95 प्रतिशत तक रहता है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विद्यालय के लिए एक मिसाल है, जिसने शहरी क्षेत्रों के कई विद्यालयों को पीछे छोड़कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
वहीं, यूपी कॉलेज के शारीरिक शिक्षा शिक्षक उमेश सिंह का योगदान खेल के क्षेत्र में अतुलनीय रहा है। 25 वर्षों के अपने शिक्षण कार्यकाल में उन्होंने ओलंपियन ललित उपाध्याय, सिंह सिस्टर, विशेष भृगुवंशी और विभोर प्रशांति सिंह जैसे कई उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है। उनके मार्गदर्शन में ये खिलाड़ी न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहले भी कई बार सम्मानित किया जा चुका है।