फर्जी प्रमाण पत्रों पर शिक्षक की नौकरी कर रहे जालसाज को बीएसए ने मंगलवार को बर्खास्त कर दिया है। उसके बीए और बीएड के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। बीएसए ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को फर्जी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कराने और अब तक लिए गए वेतन की रिकवरी का भी आदेश दिया है। आरोपी शिक्षक सुजानगंज ब्लाक के कपूरपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। डीएम तक पहुंची शिकायत पर जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
सुजानपुर ब्लाक के भाऊपुर गांव निवासी सुनील कुमार यादव का चयन मार्च 2010 में आजमगढ़ जिले में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ था। उसकी पहली तैनाती आजमगढ़ के अहिरौला ब्लाक के खालिसपुर प्राथमिक विद्यालय में हुई। अक्तूबर 2016 में अंतर जनपदीय तबादला नीति के तहत उसने जौनपुर में ट्रांसफर करा लिया। यहां उसकी नियुक्ति पहले सुईथाकला ब्लाक के जुनेदपुर प्राथमिक विद्यालय में हुई।
बाद में पारस्परिक तबादले के जरिए वह गृह ब्लाक सुजानगंज के कापूरपुर विद्यालय में तैनाती पा गया। बीते 27 सितंबर को मछलीशहर तहसील क्षेत्र के कांधापुर निवासी उमाशंकर यादव ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपते हुए सुनील कुमार के प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर सत्यापन कराया गया तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट से जारी वर्ष 2007 की बीए और 2008 की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई। विवि के उप कुलसचिव के पत्र से फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।