नेशनल हाईवे-2 पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बने पुल पर आवागमन ठप होने से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले तीन दिनों से व्यापारियों के माल लदे भारी वाहन हाईवे पर जहां-तहां फंस गए हैं। सबसे अधिक असर फल-सब्जी व खाद्यान्न कारोबारियों पर पड़ा है। ट्रकों पर लदे फल और सब्जियाें के खराब होने का डर व्यापारियों को सताने लगा है।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी विशेश्वरगंज मंडी से माल बिहार तक जाता है। दाल, गेहूं सहित अन्य माल का आर्डर पिछले दो-तीन दिनों से व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा है। कुछ व्यापारियों का माल बीच रास्ते में भी फंसा हुआ है। विशेश्वरगंज मंडी में करीब 40 फीसदी व्यापारियों का आर्डर बिहार का होता है।
चंदौली के नौबतपुर में कर्मनाशा पुल का पिलर क्षतिग्रस्त होने के बाद बिहार से आने वाला लाल बालू भी महंगा हो गया है। 150 किमी से अधिक दूरी तय करके वाराणसी पहुंचने वाले 14 चक्का वाले वाहन का रेट अब 57 हजार से बढ़कर 70 हजार तक पहुंच गया है। यही नहीं, कर्मनाशा और डिहरी से आने वाला बालू पहले 4500 रुपये ट्रैक्टर था, जो इस समय 7 से 8 हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर हो गया है।