वाराणसी। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में प्रदेश भर के शिक्षकों ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहकर स्कूलों में तालाबंदी की। वहीं कुछ स्कूलों में शिक्षक और बच्चे समय पर स्कूल पहुंचे। बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा निरंतर शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेशों के विरोध में शिक्षकों ने जनपद मुख्यालयों पर विरोध दिवस के रूप में धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी पीड़ित भावनाओं का प्रदर्शन किया।
मंगलवार को कचहरी स्थित शास्त्री घाट पर विभिन्न स्कूलों के शिक्षक एकत्रित हुए और उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा निरंतर शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश लागू किये जा रहे है। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1,27,000 विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए गए है, जिसके कारण तीन वर्षों से बेसिक शिक्षक की पदोन्नति नहीं हो सकी। इसके अलावा शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली, विद्यालय में फर्नीचर, पीने का पानी, बिजली व पंखे आदि की व्यवस्था के साथ प्रेरणा एप के जरिए शिक्षकों की उपस्थित दर्ज कराने के खिलाफ विरोध जताया। शिक्षकों के सम्मान को बचाने के लिए पांच सितंबर शिक्षकों ने जनपद के मुख्यालयों पर शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस मनाकर इन समस्याओं का विरोध किया था। वहीं 11-13 सितंबर व आठ नवंबर को शिक्षकों ने विधायकों को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। शिक्षकों के इस विरोध प्रदर्शन को कोई निराकरण न होने के कारण उन्होंने प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों ने 21 नवंबर को लखनऊ में महारैली करके सरकार से अपनी मांगों का निराकरण का अनुरोध किया। शिक्षकों के इन विरोधों के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में स्कूलों में सामान्य रूप से कक्षाएं चली। प्राथमिक विद्यालय गोलघर में शिक्षकों ने नियमित समय पर बच्चों की क्लास ली। वहीं प्राथमिक विद्यालय भिटारी में कक्षाएं सामान्य रूप से चली