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Varanasi: Cyber Fraud से बचने के लिए इन बातों का रखें खास ध्यान, ना करें ऐसी गलती, आईजी रेंज ने दिए टिप्स

Wed, 28 Dec 2022 08:49 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 वाराणसी के चांदपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में साइबर अपराध विषयक कार्यशाला में आईजी रेंज के सत्यनारायणा ने कहा कि आपकी जागरूकता और सतर्कता ही बचाव है। लालच भरे स्कीम वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। 
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अमर उजाला कार्यालय में साइबर अपराध विषयक कार्यशाला में आईजी रेंज के सत्यनारायणा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हम बचपन से ही पढ़ते आ रहे हैं कि लालच बुरी बला है। बावजूद इसके कई लोग लालच और किसी पर आंख मूंदकर विश्वास करने की अपनी प्रवृत्ति के चलते आज भी आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। साइबर अपराधियों के फैलाए लालच के जाल में अगर आपसे जरा सी चूक हुई तो वह जी का जंजाल बन सकती है। यह बातें आईजी रेंज के सत्यनारायणा ने बुधवार को वाराणसी के चांदपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में साइबर अपराध विषयक कार्यशाला में कहीं।

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उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही आपका हथियार है। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। 24 घंटे के अंदर बैंक खाते से कटी रकम होल्ड होगी और खाते में वापस होगी। जितनी जल्द शिकायत करेंगे उतनी तेजी से समाधान होगा। किसी अनजान को बैंक संबंधित विवरण ओटीपी, पिन आदि साझा न करें।

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें

लालच भरे स्कीम वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने कहा, साइबर अपराधी प्रलोभन और लालच का जाल फेंकते हैं, जिसमें फंसकर आप धन लुटा देते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर पासवर्ड मजबूत बनाएं। संभव हो तो हर माह बदलते भी रहें। उन्होंने कहा कि यदि हम सावधान रहेंगे तो साइबर अपराधी कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे। गलती करने के लिए बार-बार आपको उकसाएंगे, माइंड गेम खेलेंगे, लेकिन आपको सतर्क रहना है।

साइबर फ्रॉड के बचने के उपाय

साइबर क्राइम थाना के प्रभारी विजय नारायण मिश्र - फोटो : अमर उजाला
  • साइबर क्राइम थाना के प्रभारी विजय नारायण मिश्र के अनुसार कॉल पर डेबिट कार्ड, बैंक खाता संबंधी जानकारी किसी को न दें, जैसे ओटीपी, पिन, सीवीवी नंबर आदि।
  • सबसे पहले आप किसी वेबसाइट के यूआरएल को चेक करें कि वो एचटीटीपीएस से शुरू हो रहा है या नहीं, जिसमें ‘एस’ यह दर्शाता है कि ये वेबसाइट एक सिक्योर कनेक्शन से कनेक्टेड हैं।
  • पासवर्ड बनाने से पहले ये ध्यान रखें कि वो यूनीक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
  • पासवर्ड में अपर केस, लोअर केस, नंबर और स्पेशल करैक्टर का कांबिनेशन रखें।
  • कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड जरूर बदलें, जहां उपलब्ध हो वहां मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करें।
  • अपने प्राइमरी ईमेल एड्रेस को कभी सोशल मीडिया साइट के लिए उपयोग न करें, उसके लिए सेकेंडरी ईमेल एड्रेस बनाकर रखें।

  • अगर कोई अकाउंट आप इस्तेेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
  • किसी भी फ्री सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने से पहले साफ्टवेयर और वेबसाइट होस्टिंग पता लगा लें, ध्यान रखें कि साफ्टवेयर पब्लिश करने वाले वेबसाइट का कनेक्शन सुरक्षित हो।
  • हमेशा प्रमाणिक व लाइसेंस वाले साफ्टवेयर का ही प्रयोग करें।
  • अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व खाता का नंबर न दें।
  • क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है, तो उसकी सत्यता जांच किए बगैर भुगतान न करें।
  • ओएलएक्स के माध्यम से चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड या लिंक को सत्यापन के बिना साझा न करें।

गांठ बांध लेने योग्य बातें

साइबर एक्सपर्ट श्यामलाल गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
  • अपनी किसी भी जानकारी को पब्लिक प्लेटफार्म जैसे कि सोशल मीडिया पर साझा न करें।
  • ब्राउजर में सोशल मीडिया या फिर किसी भी अकाउंट में लॉगिन करते समय ‘कीप मी लॉगिन’ या ‘रेमेंबर मी’ को चेक न करें।
  • सोशल मीडिया साइट के लिए ऑफिशियल ईमेल का इस्तेमाल न करें।
  • अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी भी पासवर्ड में न करें।
  • एक ही पासवर्ड का प्रयोग विभिन्न सेवाओं, वेबसाइट और एप में न करें।
  • अपने क्रेडिट व डेबिट की जानकारी वेब ब्राउजर में सेव न करें।

  • अपने निजी बैंक व बैंकिंग विवरण को किसी के साथ फोन या ईमेल, एसएमएस के जरिये शेयर न करें।
  • फ्री वाईफाई व असुरक्षित वाईफाई का इस्तेमाल करने से बचें। शॉपिंग और बैंकिंग के लिए उसका इस्तेमाल भी न करें।
  • आप अपने जरूरी डाक्यूमेंट को हमेशा एक्सटर्नल ड्राइव में बैकअप लें।
  • सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से प्राप्त फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। अनजान व्यक्तियों से प्राप्त वीडियो कॉल रिसीव न करें।
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जरूरत पड़ने पर यहां से लें मदद

अमर उजाला कार्यालय में साइबर अपराध विषयक कार्यशाला में आईजी रेंज के सत्यनारायणा - फोटो : अमर उजाला
अगर साइबर ठगी या ऐसे अन्य अपराध के शिकार हो जाएं तो तुरंत संबंधित थाने या हेल्पलाइन नंबर 7839876647 और 1930 नंबर पर कॉल करें। साथ ही www.cybercrime.gov.in पर सूचना दें। फेसबुक, इंस्टाग्राम पर गोपनीय जानकारी साझा न करें।

कार्यशाला में साइबर क्राइम रेंज के डिप्टी एसपी अविनाश चंद्र सिन्हा, साइबर क्राइम थाना के निरीक्षक विजय नारायण मिश्रा, साइबर सेल प्रभारी चंदौली के शरद गुप्ता, साइबर सेल प्रभारी जौनपुर के वैभव मिश्रा, प्रभारी क्राइम ब्रांच वाराणसी के संतोष सिंह, आईजी रेंज पीआरओ विजय बहादुर सिंह, श्याम लाल गुप्ता, ओमप्रकाश जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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