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झांकियों में दिखा महामना के सपनों का भारत

Sun, 25 Jan 2015 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
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वाराणसी। बीएचयू के स्थापना दिवस के साथ शनिवार को शताब्दी वर्ष का आगाज होते ही परिसर में उत्सव से माहौल हो गया। चहुंओर हर्षोल्लास के रंग बिखरे नजर आए। नाचते-झूमते विद्यार्थियों के समूह आकर्षक झांकियों के साथ निकले तो महामना के सपनों का भारत झलकने लगा। वहीं, शिक्षकों और कर्मचारियों के चेहरे पर भी खुशी के भाव थे। झांकी की एक झलक पाने के लिए परिसर में भीड़ उमड़ पड़ी। कुलपति ने मालवीय भवन से झांकी का अवलोकन किया और छात्र-छात्राओं के प्रयास की सराहना की।
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फूल-मालाओं से सजाए गए बीएचयू परिसर वैदिक मंत्रों की गूंज से सुबह से ही खुशनुमा हो गया। इसके बाद विभागों, संकायों और संस्थानों से सजी आकर्षक झांकियों का रेला मालवीय भवन पहुंचा। यहां पर कुलपति ने झंडी दिखाकर सभी झाकियों को रवाना किया। इस दौरान उनके साथ न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय और गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आरके मिश्र भी मौजूद थे। यहां से नाचते-गाते विद्यार्थियों

के समूह झाकियों के साथ महिला महाविद्यालय तिराहा होते हुए मधुवन के रास्ते अपने संकायों और विभागों की ओर लौट पड़े। झांकियां देखने के लिए परिसर में जगह-जगह शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों की भीड़ जुटी रही। गौरतलब है कि 1986 तक परिसर झांकी निकाली जाती रही हैं। बीच में किन्हीं कारणों से यह परंपरा बंद हो गई थी। अब शताब्दी वर्ष के अवसर पर इसकी शुरूआत फिर की गई है।
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झांकियों के जरिये दिया संदेश
वाराणसी। छात्र-छात्राओं ने झांकियों के जरिये जहां ज्ञान-विज्ञान की प्रगति को दर्शाया, वहीं सामाजिक मुद्दों पर संदेश देने का भी प्रयास किया। महिला उत्पीड़न और गंगा के दर्द को दर्शाते हुए बेहतर समाज के निर्माण और गंगा को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। धरती को प्रदूूषण मुक्त करने, पर्यावरण को बचाने और नशामुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, शिक्षित एवं स्वस्थ भारत के निर्माण की संकल्पना को साकार करने के लिए प्रेरित किया। झांकियों से योग और वेदों के महत्व को भी बताया गया। वहीं, आईआईटी के छात्रों ने राकेट उड़ाकर और आधुनिक कार दौड़ाकर सभी को चकित कर दिया।
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कुलपति ने स्थापना स्थल पर किया पूजन
वाराणसी। कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने सुबह 7:30 बजे विश्वविद्यालय के स्थापना स्थल पर विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने बीएचयू को विश्व के श्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों की कतार में खड़ा करने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने मालवीय भवन में महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शाल ओढ़ाया। साथ शताब्दी वर्ष के प्रतीक चिह्न का विमोचन किया। संचालन छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. जी अंजनेय शास्त्री ने किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय एवं चीफ प्राक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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