तबला सम्राट पं. लच्छू महाराज।
बनारस घराने के जाने-माने तबला वादक पं. लच्छू महाराज का बुधवार की देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। सांस फूलने और सीने में तेज दर्द होने पर परिजनों ने उन्हें भिखारीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयास के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। उनके निधन के बाद संगीत जगत में शोक छा गया। ठुमरी गायिका पद्मविभूषण गिरिजा देवी, पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र जाने माने ख्याल गायक पं. राजन-साजन मिश्र और पॉप सिंगर दलेर मेहंदी समेत नामचीन कलाकारों ने उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। पं. लच्छू महाराज फिल्म स्टार गोविंदा के मामा थे। सूचना मिलने पर गोविंदा ने परिवारवालों से बातचीत की।16 अक्तूबर 1945 को उनका जन्म हुआ था।
दो दिन से सांस लेने में तकलीफ होने के बावजूद अस्पताल जाने से परहेज कर रहे पं. लच्छू महाराज की तबीयत बुधवार दोपहर ज्यादा बिगड़ गई। भोगाबीर स्थित आवास से वह अपने दालमंडी स्थित साधना भवन के लिए शिष्य के साथ रिक्शे से निकले थे लेकिन रास्ते में सीने और पीठ में असह्य पीड़ा होने की वजह से उन्होंने रिक्शा घर के लिए मुड़वा दिया। फोन पर जानकारी मिलने के बाद उनके भाई राजेंद्र सिंह, जय नारायण सिंह उनके आवास पहुंच गए। वहां से उन्हें कार से पहले गैलेक्सी अस्पताल ले जाया गया लेकिन इमरजेंसी में जगह न होने के कारण भर्ती नहीं कराया जा सका। बाद में उन्हें गंभीर हालत में अपेक्स अस्पताल ले जाया गया।गहन चिकित्सा कक्ष में रात 8:30 बजे उनको वेंटिलेटर पर रखा गया। रात 11:50 बजे चिकित्सक अमित भास्कर ने दिल का दौरा पड़ने से उनके निधन की पुष्टि कर दी। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें सेवियर अटैक आया था।
पं. लच्छू महाराज के बचपन का नाम लक्ष्मीनारायण सिंह था। अपने पिता वासुदेव नारायण सिंह से ही उन्होंने तबला वादन की शिक्षा ली थी। लच्छू महाराज ने फ्रांसीसी महिला टीना से शादी की थी। उनकी पुत्री नारायणी फ्रांस में अपनी मां के ही साथ रहती है। पत्नी और पुत्री के आने के बाद ही पं. लच्छू महाराज के पार्थिव शरीर का शुक्रवार को मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। तबला वादक पद्मश्री पं. सुरेश तलवरकर, सितार वादक पं. शिवनाथ मिश्र, पं. देवव्रत मिश्र, तबला वादक पं. गणेश शंकर मिश्र ने भी पं. लच्छू महाराज के निधन पर शोक जताया है।