स्वाइन फ्लू से पीडि़त एक और मरीज को सोमवार को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती कराया गया। वह राजस्थान से बनारस घूमने आया था। तबियत बिगड़ने पर पहले उसे लंका स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुधार न होता देख उसे कबीरचौरा लाया गया। उधर, दीनदयाल अस्पताल में रविवार को पहुंचा गाजीपुर का एक मरीज सोमवार को इलाज के लिए भटकता रहा।
बनारस में एक के बाद एक स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज के मिलने का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों भिखारीपुर के निजी अस्पताल में आस्ट्रेलियाई महिला को और कबीरचौरा में दो अन्य मरीजों को जुकाम और तेज बुखार की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। इस बीच रविवार को गाजीपुर के एसके पाठक इलाज के लिए देर शाम दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ दिन पूर्व लंका स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दिल्ली से आई रिपोर्ट भी डाक्टरों को दिखाई, जिसमें एचवन, एनवन वायरस को पॉजीटिव बताया गया था।
अस्पताल के चिकित्सकों ने नए सिरे से जांच कराने के साथ ही टेमीफ्लू दवा देकर वापस भेज दिया। सोमवार को अस्पताल पहुंचे पाठक को इलाज के लिए भटकना पड़ा। बताया कि जब कोई डॉक्टर नहीं मिला तो इसकी शिकायत सीएमएस आरपी चतुर्वेदी से की, जिसके बाद दवा मिली। इस बीच सोमवार को कबीरचौरा में राजस्थान निवासी छत्रपति सिंह (35) को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने थ्रोड स्वाब लेकर जांच के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।