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काशी में स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ: तंबुओं के शहर में तब्दील होगा पूरा इलाका, दो सौ एकड़ जमीन पर सज रहे 22 नगर

Mon, 11 Dec 2023 02:50 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

उमरहां में स्वर्वेद महामंदिर धाम का इलाका अब धीरे-धीरे एक नगर के रूप में तब्दील होने लगा है। कहीं हवन कुंड तैयार हो रहे हैं तो कहीं तंबुओं का नगर बसाया जा रहा है। दो सौ एकड़ भूखंड पर बनने वाले 22 अस्थायी नगरों के नाम गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, गोदावरी, ब्रह्मपुत्रा के साथ ही काशी के सप्तऋषियों के नाम पर रखे जाएंगे।
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स्वर्वेद महामंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमरहां में पांच किलोमीटर की परिधि में दो सौ एकड़ भूखंड पर 22 अस्थायी नगर बसाने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही पूरा इलाका तंबुओं के शहर में तब्दील हो जाएगा। 17 और 18 दिसंबर को विहंगम योग संत समाज के सौवें वार्षिकोत्सव पर प्रवचन के लिए तीन लाख स्क्वायर फीट में जर्मन हैंगर में प्रवचन पंडाल बनाया जा रहा है। 18 नवंबर को स्वर्वेद मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

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उमरहां में स्वर्वेद महामंदिर धाम का इलाका अब धीरे-धीरे एक नगर के रूप में तब्दील होने लगा है। कहीं हवन कुंड तैयार हो रहे हैं तो कहीं तंबुओं का नगर बसाया जा रहा है। दो सौ एकड़ भूखंड पर बनने वाले 22 अस्थायी नगरों के नाम गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, गोदावरी, ब्रह्मपुत्रा के साथ ही काशी के सप्तऋषियों के नाम पर रखे जाएंगे। 20 लाख स्क्वायर फीट में फैले हुए 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ में 108 ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इन ब्लॉक का नाम प्राचीनतम मंत्र द्रष्टा ऋषियों और ऋषिकाओं के नाम पर होंगे। इसमें हर ब्लॉक में 232 कुंड होंगे। यज्ञ व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए यज्ञ के दौरान ढाई हजार कार्यकर्ता अपनी सेवा प्रदान करेंगे। महायज्ञ में आश्रम द्वारा संचालित वैदिक गुरुकुल से प्रशिक्षित कुल 108 पुरोहित मंत्रोच्चार करेंगे। तीन लाख स्क्वायर फीट में जर्मन हैंगर में तैयार हो रहे प्रवचन पंडाल में संत प्रवर विज्ञान देव महाराज जय स्वर्वेद कथा एवं अमृतवाणी का संदेश देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे।
श्रद्धालुओं के लिए तैयार हो रहे 12 भोजनालय
महायज्ञ में आने वाले श्रद्धालुओं को भारत की विभिन्न संस्कृतियों के अनुसार सात्विक भोजन उपलब्ध होगा। सुगमता से भोजन प्रसाद के इंतजाम के लिए 12 भोजनालय बनाए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक में बीस-बीस काउंटर होंगे। इसके अतिरिक्त छह सांस्कृतिक भोजनालय भी बनाए जा रहे हैं जिसमें अलग-अलग राज्यों के अनुसार व्यंजन तैयार किए जाएंगे।
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गौ ग्राम प्रदर्शनी का होगा संचालन
गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए भव्य गौ ग्राम प्रदर्शनी भी संचालित रहेगी। साथ ही निःशुल्क-योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, प्राकृतिक-चिकित्सा परामर्श भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। पुलिस प्रशासन के साथ ही साथ विहंगम सुरक्षा बल के भी पांच सौ पुरुष और दो सौ महिलाएं सेवा प्रदान करेंगी। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कुल 45 सौ शौचालयों की व्यवस्था की गई है। पांच किलोमीटर में विस्तृत संपूर्ण परिसर में अशक्त एवं वृद्धजनों की सुगमता के लिए कुल 50 ई रिक्शा निशुल्क संचालित रहेंगे।

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