शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
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काशी ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के चयन को लेकर भारत धर्म महामंडल के दो सदस्यीय शिष्टमंडल ने द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मुलाकात की। उन्हें पत्र देकर नए शंकराचार्य के चयन के लिए मार्गदर्शन देने का आग्रह किया।
इस पर स्वरूपानंद सरस्वती ने नए शंकराचार्य के चयन के लिए रास्ता दिखाया। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात में जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत सर्वानुमति से निर्णय लिया जाना चाहिए।
इस मसले पर सुझाव लेने के लिए अलग-अलग मठों, विद्वानों को महामंडल की ओर से पत्र भेज दिए गए हैं। भारत धर्म महामंडल के जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभूनाथ उपाध्याय और डॉ. हरेराम पांडेय ने मध्य प्रदेश के जबलपुर से लगे नरसिंहपुर के परमहंसी आश्रम में शंकराचार्य से मुलाकात की।
बताया कि शंकराचार्य ने योग्यता के आधार पर विद्वानों के बीच इस मसले पर सर्वानुमति बनाने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य ने कहा है कि काशी ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य का चयन मिलजुल कर किया जाना चाहिए।
चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने बताया कि द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य से बेहतर सुझाव मिले हैं। इस बीच मार्गदर्शक मंडल के पं. भाल शास्त्री ने बताया कि मठों, आश्रमों के अलावा विद्वानों को महामंडल की ओर से पत्र भेजे जा रहे हैं।
श्रीविद्या मठ के अलावा मुमुक्षु भवन, हरिद्वार के गीता भवन, वृंदावन के मलूक मठ के अलावा कई आध्यात्मिक संस्थाओं को पत्र भेजकर सुझाव मांगा गया है।