आवारा पशुओं और डेयरियों को बनारस शहर की सीमा से बाहर किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कैटल कैचिंग टीम बनाई गई है।
यह टीम शहर में भ्रमण कर आवारा पशु पकड़ेगी और गले में टैग नंबर डालकर शहर से बाहर छोड़ेगी। पशुओं को खुला नहीं छोड़ने के लिए पशु पालकों को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन को देखते हुए कैटल कोचिंग टीम को काम तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण विभाग के अपर निदेशक ने पत्र जारी कर कैटल कैचिंग टीम के गठन का निर्देश दिया है। टीम दीनदयाल हस्तकला संकुल, टेंट सिटी ऐढ़े, अस्सी, गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ सहित लगभग पूरे शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाएगी।
नगर आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर, अपर नगर आयुक्त प्रथम और एसपी सिटी से भी इसके लिए मदद मांगी गई है। होप ट्रस्ट के डॉ. दीपक सिंह और आश्रय फार सिक एंड हेल्पलेस एनीमल को भी निर्देशित किया गया है कि क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की भी रोकथाम करें।
जोनल अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है कि वह अपने क्षेत्र में लाउडस्पीकर के माध्यम से पशु पालकों को छुट्टा पशुओं को नहीं छोड़ने के बारे में सचेत करें। क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक से कहा गया है कि वह पशु पालकों को नोटिस जारी करें।