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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने नई जनसंख्या नीति की विसंगतियों को दूर करने की मांग की, कहा- हिंदुओं को फायदा कम नुकसान ज्यादा

Tue, 13 Jul 2021 01:10 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सोमवार को वाराणसी में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून एक अच्छी पहल है। मगर इसमें कई विसंगतियां हैं। हिंदू तो कानून मानेंगे और एक ही बच्चा पैदा करेंगे। ऐसे में हिंदुओं को न सैनिक मिलेंगे और न संन्यासी मिलेंगे।
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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सोमवार को वाराणसी में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून एक अच्छी पहल है। मगर इसमें कई विसंगतियां हैं। हिंदू तो कानून मानेंगे और एक ही बच्चा पैदा करेंगे। ऐसे में हिंदुओं को न सैनिक मिलेंगे और न संन्यासी मिलेंगे।
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कारण कि कोई भी मां-बाप अपनी अकेली संतान को सैनिक या संन्यासी बनाने के लिए राजी नहीं होगा। इसलिए जनसंख्या नियंत्रण कानून की बारीकियों पर एक बार गंभीरता से पुनर्विचार कर निर्णय लें। अन्यथा यह कानून लाभप्रद कम और हिंदू समाज के लिए घातक ज्यादा साबित होगा। स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी का कानून उस सवाल पर मौन हैं, जो 4 शादियों से 14 बच्चे पैदा करते हैं।

अगर उनके पास नागरिकता होगी, आधार कार्ड होगा और वोटर आइडी कार्ड होगा तो अपने संख्या बल के दम पर आज नहीं तो कल वो ही इस लोकतांत्रिक प्रदेश और देश के शासक होंगे। उनको नौकरी और सरकार की योजनाओं का लाभ व सुविधाएं नहीं चाहिए। फिर इनके लिए क्या प्रावधान है, यह स्पष्ट नहीं है। उनके बच्चे जकात के पैसे से पल जाएंगे।
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स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात की जा रही है। ऐसे में कहा जा रहा है कि यदि किसी के 2 से ज्यादा बच्चे पैदा होंगे तो उस व्यक्ति को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेगी। हम यह भूल जाते हैं कि यह देश लोकतांत्रिक है। गर्भवती महिला को 6 हजार रुपए और नसबंदी कराने वाले को 2 हजार रुपए सरकार से मिलते हैं।

ऐसे में आम आदमी 2 हजार रुपए के लिए भला अपनी या अपने पत्नी की नसबंदी क्यों कराएगा...? आम आदमी तो यही सोचेगा न कि उसकी पत्नी गर्भवती होगी तो उसे 6 हजार रुपए मिलेंगे। यह एक महत्वपूर्ण बात है और इस ओर भी सरकार को विचार करना चाहिए।
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