फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ज्ञानवापी मामले में वाद मित्र बनाने की दी अर्जी,  चार फरवरी को होगी सुनवाई 

Wed, 20 Jan 2021 12:20 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
ज्ञानवापी परिक्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

ज्ञानवापी मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से वादमित्र के तौर पर पक्षकार बनाए जाने के लिए सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है। कहा गया है कि काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर एक अति महत्वपूर्ण धार्मिक आस्था और विश्वास का प्रतीक है।

विज्ञापन


इस वाद में अपने अधिवक्ता के जरिए विधिक पक्ष को भी अपने स्तर से प्रस्तुत करना चाहते हैं। अदालत ने अविमुक्तेश्वरानंद के प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों से आपत्ति तलब करते हुए निस्तारण के लिए चार फरवरी की तिथि नियत कर दी।

पुरातात्विक सर्वेक्षण की अपील पर सुनवाई चार फरवरी को 
सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी की अदालत ने वादमित्र द्वारा ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की लंबित प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए आगामी चार फरवरी की तिथि नियत की है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ की ओर से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से दलील दी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में उक्त मुकदमे से संबंधित लंबित याचिकाओं की सुनवाई शुरू हो चुकी है।

हाईकोर्ट ने 20 जनवरी को सुनवाई के लिए तिथि नियत की है। ऐसे में उनके प्रार्थना पत्र पर सुनवाई फिलहाल स्थगित कर दी जाए। वादमित्र की इस अपील पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार फरवरी की तिथि नियत की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें