वाराणसी कोर्ट परिसर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
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जिला जज की अदालत ने आदेश में कहा कि अभियोजन द्वारा संकलित फोटोग्राफ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की कोई स्पष्ट सहभागिता नहीं दर्शाई गई है। नामित आरोपियों की तरफ से अभियोजन ने समान कथन किया है। कोई आपराधिक इतिहास नहीं प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में सह आरोपियों की जमानत हो चुकी है। ऐसे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जमानत अर्जी स्वीकार की जाती है।
इसके पूर्व स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अंतरिम जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था।
गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पांच अक्तूबर 2015 को मैदागिन स्थित टाउन हॉल मैदान से प्रतिकार यात्रा निकाली गई थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगे-आगे भी एक जत्था चल रहा था। गोदौलिया चौराहे पर बवाल और आगजनी हुई थी।
इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र के पहले आरोपी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अरेस्ट स्टे लिया था। आरोप पत्र आने के बाद आरोपी समेत कई लोगों के खिलाफ पहले समन फिर वारंट जारी हुआ। कोर्ट में पेश नहीं होने पर कुर्की का आदेश भी हो चुका था।
इसके बाद आरोपी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई, जो अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी थी। इस बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत की गुहार लगाई और अंतरिम जमानत पर रिहा हुए। उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 23 दिसंबर की तिथि तय की थी।