स्वामी अग्निवेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत को वाराणसी में शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि ये हिंदू धर्म से खिलवाड़ कर रहे हैं। राजनीति के लिए हजारों लाखों साल पुरानी परंपरा का गला घोटा जा रहा है।
उन्होंने मॉब लिंचिंग और आतंकवाद को एक ही जैसा बताया। विश्व शांति दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को मानवाधिकार जन निगरानी समिति के कार्यक्रम से पूर्व स्वामी अग्निवेश ने सामाजिक न्याय की वकालत करते हुए सत्ता परिवर्तन की बात भी की।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर राजनीतिक लाभ के लिए रात के 12 बजे अध्यादेश सरकार जारी किया गया। अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश की जा रही है। जब मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने लिख कर दे दिया कि निकाहनामे में तीन तलाक के खिलाफ शर्तें लिख देंगे कि तीन तलाक नहीं दिया जा सकता। लेकिन, मोदी सरकार इसको जल्दबाजी में पास कराके क्रेडिट लेने में लगी है।
उन्होंने कहा कि वह कोई नई पार्टी नहीं बना रहा हूं। मेरी कोशिश है की सारी विपक्षी पार्टियां एकजुट हो जाएं। विपक्ष की बातों को भी इनकॉरपोरेट करें कि तीन साल तक उनको, पीडि़ता को गुजारा भत्ता कौन देगा, वर्ना सीधे सीधे संसद में बहस कराकर पास कराना चाहिए था।