ठोस कचरा प्रबंधन की प्रतिस्पर्धा का सेमीफाइनल वाराणसी ने जीत लिया है। भारत सरकार से संबद्ध स्काच संस्था ने बृहस्पतिवार को इसका प्रमाण पत्र जारी कर दिया। अब दिसंबर में अहमदाबाद में देश के स्वच्छ शहरों की बादशाहत पर फैसला किया जाएगा। अहमदाबाद में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए नगर निगम नए सिरे से तैयारी करेगा।
अहमदाबाद में होने वाली प्रतियोगिता में ठोस कचरा प्रबंधन पर वाराणसी नगर निगम के प्रयासों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। दरअसल, इस प्रतियोगिता में कचरा प्रबंधन के दो बिंदुओं पर निर्णय किया जा रहा है। इमसें ठोस कचरा के पुर्नउपयोग और निपटारे को शामिल किया गया है।
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अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि पुर्नउपयोग में खाद, कोयला और बिजली बनाने की प्रक्रिया है और जिन कचरे का पुर्नउपयोग नहीं हो पाए सका विज्ञान के तहत पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना निपटारा किया जाता है। दोनों ही क्षेत्रों में वाराणसी नगर निगम का प्रदर्शन बेहतर है।
करसड़ा प्लांट में कचरे से खाद, जमीन के गड्ढे भरने के लिए अवशेष तैयार किया जाता है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आबादी से दूर बने इस प्लांट में हरियाली की पर्याप्त व्यवस्था है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एनपी सिंह ने बताया कि स्काच कंपनी ने अप्रैल में सर्वे किया था। कचरा प्रबंधन के साथ ही भविष्य की योजनाओं के आंकलन पर हुई प्रतियोगिता में वारासणी नगर निगम ने सेमीफाइनल जीता है। दिसंबर में फाइनल में भी हमारी जीत होगी।