इसके बाद बात करते है पूर्वांचल क्षेत्र में आने वाले अन्य जिलों की तो आजमगढ़ स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में आजमगढ़ पालिका को देश में 157वीं रैंकिंग मिली है। केंद्र सरकार आवास में शहरी मामले मंत्रालय की ओर से जारी रैकिंग जनपद मंडल में दूसरे स्थान पर रहा है।
हालांकि आजमगढ़ ने देवरिया, गोरखपुर, बलिया, मेरठ, मिर्जापुर जैसे जनपदों को पीछे छोड़ा है। आजमगढ़ नगर पालिका ने कुल 2553.91 के साथ 157वीं रैंकिंग प्राप्त की है। वहीं, इस रैंकिंग में मुबारकपुर पालिका अपना स्थान नहीं बना सकी है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में मऊ नगरपालिका को देश के 4237 शहरों में 125 वां स्थान मिला। जबकि 2018 में मऊ नगरपालिका 278 पायदान पर था। इस बार के रेटिंग में प्रदेश के 65 शहरों में मऊ को 11 वां स्थान मिला, जबकि पिछले बार पालिका 14वें स्थान पर थी।
मऊ में पहला स्वच्छता सर्वेक्षण 2016 में हुआ था। तब मऊ की स्थिति काफी बदतर थी। जबकि 2017 स्वच्छता सर्वेक्षण में 370 वां स्थान पाया था। वहीं 2018 स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में देशभर में 272 और प्रदेश में 14वां तथा मंडल में प्रथम स्थान पाया।
इसके अलावा बलिया का स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में 272वां स्थान रहा, बलिया 2018 के सर्वे में देश में 329वें पायदान पर था। वहीं, चंदौली जिले की पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगरपालिका इस बार के सर्वे में 65 पायदान नीचे लुढ़क गया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में जिला 390वें स्थान पर चला गया। जबकि, 2018 में 325वें स्थान पर था। उधर, गाजीपुर इस साल 361वें स्थान पर पहुंच गया। 2018 के सर्वे में 336वें स्थान पर था।
जौनपुर जिले की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। इस साल के स्वच्छता सर्वेक्षण में जौनपुर 4 पायदान नीचे खिसक गया। 2018 के सर्वे में 369वें स्थान पर था, जबकि 2019 में 373वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं, मिर्जापुर स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में देश भर में 389वें स्थान पर है। इसी क्रम में भदोही 2018 में पूरे देश में 24वें स्थान पर था और प्रदेश में पांचवें पायदान पर था। सोनभद्र जिला पिछले सर्वे में 75वें स्थान पर था। इस बार भदोही और सोनभद्र किस स्थान पर है इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।