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स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 : पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र खिसका 3 पायदान नीचे, पढ़ें अपने शहर की रैंकिंग

Thu, 07 Mar 2019 02:46 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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swachh sarvekshan - फोटो : self
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हर साल की तरह इस साल भी स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। जिसमें इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा। वहीं, भोपाल सबसे स्वच्छ राजधानी वर्ग में पहले स्थान पर रहा। प्रदेश में गाजियाबाद अव्वल रहा तो कानपुर दूसरे पायदान पर रहा। अब बात करते हैं देश के प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बारे में, इस बार वाराणसी तीन पायदान नीचे खिसक गया।

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स्वच्छता सर्वेक्षण की जारी ताजा रैंकिंग में साफ शहरों की सूची में बनारस को पूरे देश में 70वां स्थान मिला है जबकि प्रदेश में तीन पायदान नीचे खिसकर चौथे नंबर पर आ गया है। दो साल तक यही बनारस लगातार पहले नंबर पर काबिज रहा। फिलहाल अधिकारियों की लापरवाही, लचर व्यवस्था और आम लोगों में जागरूकता की कमी ने बनारस के सिर से नंबर एक का खिताब छिन लिया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में बनारस को देश में 67वां स्थान मिला था। 

बीते साल की तुलना में बनारस की सबसे खराब स्थिति कटेगरी सर्टिफिकेशन और सर्विस लेवल प्रोग्रेस में रही। सिटीजन फीडबैक भी ठीक नहीं रहा। सर्विस लेवल प्रोग्रेस में बनारस को 694 नंबर मिला है। कुल 1250 पूर्णांक वाली इस परीक्षा में नगर निगम की प्रगति बेहद ही खराब रही। कैटेगरी सर्टिफिकेशन में मात्र 450 अंक मिले हैं।
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वहीं डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन (स्थलीय निरीक्षण) में 982 अंक मिले हैं। सिटीजन फीडबैक में 967 नंबर मिले हैं। चार प्रकार की कैटेगरी में हुए इस सर्वेक्षण में 5000 अंकों में से बनारस को 3063 अंक मिले हैं। इन अंकों के साथ ही बीते साल से बनारस घटते क्रम में तीन अंक पीछे खिसक गया है। 

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पूर्वांचल के जिलों की रैंकिंग

- फोटो : self
इसके बाद बात करते है पूर्वांचल क्षेत्र में आने वाले अन्य जिलों की तो आजमगढ़ स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में आजमगढ़ पालिका को देश में 157वीं रैंकिंग मिली है। केंद्र सरकार आवास में शहरी मामले मंत्रालय की ओर से जारी रैकिंग जनपद मंडल में दूसरे स्थान पर रहा है।

हालांकि आजमगढ़ ने देवरिया, गोरखपुर, बलिया, मेरठ, मिर्जापुर जैसे जनपदों को पीछे छोड़ा है। आजमगढ़ नगर पालिका ने कुल 2553.91 के साथ 157वीं रैंकिंग प्राप्त की है। वहीं, इस रैंकिंग में मुबारकपुर पालिका अपना स्थान नहीं बना सकी है।

आजमगढ़ मंडल में मऊ अव्वल

swachh sarvekshan - फोटो : self
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में मऊ नगरपालिका को देश के 4237 शहरों में 125 वां स्थान मिला। जबकि 2018 में मऊ नगरपालिका 278 पायदान पर था। इस बार के रेटिंग में प्रदेश के 65 शहरों में मऊ को 11 वां स्थान मिला, जबकि पिछले बार पालिका 14वें स्थान पर थी।

मऊ में पहला स्वच्छता सर्वेक्षण 2016 में हुआ था। तब मऊ की स्थिति काफी बदतर थी। जबकि 2017 स्वच्छता सर्वेक्षण में 370 वां स्थान पाया था। वहीं 2018 स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में देशभर में 272 और प्रदेश में 14वां तथा मंडल में प्रथम स्थान पाया। 
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पूर्वांचल में चंदौली है सबसे नीचे

Swachh bharat mission
इसके अलावा बलिया का स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में 272वां स्थान रहा, बलिया 2018 के सर्वे में देश में 329वें पायदान पर था। वहीं, चंदौली जिले की पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगरपालिका इस बार के सर्वे में 65 पायदान नीचे लुढ़क गया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में जिला 390वें स्थान पर चला गया। जबकि, 2018 में 325वें स्थान पर था। उधर, गाजीपुर इस साल 361वें स्थान पर पहुंच गया। 2018 के सर्वे में 336वें स्थान पर था।

जौनपुर जिले की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। इस साल के स्वच्छता सर्वेक्षण में जौनपुर 4 पायदान नीचे खिसक गया। 2018 के सर्वे में 369वें स्थान पर था, जबकि 2019 में 373वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं, मिर्जापुर स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में देश भर में 389वें स्थान पर है। इसी क्रम में भदोही 2018 में पूरे देश में 24वें स्थान पर था और प्रदेश में पांचवें पायदान पर था। सोनभद्र जिला पिछले सर्वे में 75वें स्थान पर था। इस बार भदोही और सोनभद्र किस स्थान पर है इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। 
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