पड़ोस की रहने वाली कुछ महिलाओं ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद गांव के प्रधान ने राजातालाब पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो कमरे के अंदर फर्श पर रक्तरंजित रानी, उसकी बेटी पूजा और बेटे मोहन का शव पड़ा हुआ था। चेहरे और सिर को बुरी तरह से कूंचा गया था, ताकि पहचान नहीं हो सके। शव के पास ही बांका, हंसिया, डंडा और टूटी हुई कुर्सी पड़ी हुई थी।
अलग रहते हैं बड़ा बेटा और पति
फॉरेंसिक टीम ने चेहरे पर जमे खून को धुलवाया तो पहचान हुई। सूचना मिलते ही अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय संतोष कुमार सिंह, गोमती जोन के डीसीपी विक्रांत वीर और एसीपी राजातालाब अंजनी कुमार राय वारदात स्थल पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पति भोला गुप्ता और बड़े बेटे दीपक को बुलवाया गया। पति भोला और बड़े बेटे दीपक ने बताया कि परिजनों से कोई वास्ता नहीं था। पति भोला और पत्नी रानी के बीच मुकदमा भी चल रही है।
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तफ्तीश में सामने आया कि रानी की बेटी पूजा और दामाद अरविंद के बीच विवाद था। परिवार में मां, बाप से भी पूजा की नहीं बनती थी। यह बात अरविंद को नागवार लगती थी। कई बार समझाया लेकिन पूजा नहीं मानी।
इस बीच बुधवार की रात 11 बजे के बाद अरविंद ससुराल आया और रात में सोते समय पत्नी पूजा, सास रानी और साले मोहन की सिर व चेहरे पर हंसिया और डंडे से वार कर हत्या कर दी। पहले उसने पत्नी की हत्या की और फिर साले मोहन और सास को मौत के घाट उतारा। वारदात को अंजाम देने के बाद वह घर के पीछे वाले रास्ते से भाग निकला।
पुलिस की पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि दामाद दो दिन पूर्व घर पर आते जाते दिखा था। मंगलवार रात परिवार में लड़ाई झगड़े जैसी आवाजें आ रही थीं। मंगलवार शाम के बाद से परिवार के अन्य सदस्य बाहर नहीं दिखे थे। आसपास के लोगों को लगा कि ठंड के कारण बाहर नहीं निकल रहे होेंगे। हालांकि दो दिन लगातार दरवाजा बंद होने से पड़ोसियों को शक हुआ।
घर के बाहर साइकिल और दो कुर्सी दो दिन से उसी अवस्था में पड़ी हुई थी। कयास है कि मंगलवार की रात ही घटना को अंजाम दिया गया। पनियरा निवासी पति भोला और बेटे दीपक ने आरोप लगाया कि दामाद ने ही घटना को अंजाम दिया। भोला गुप्ता घर के अंदर बेटी और बेटे का रक्तरंजित शव देखकर बेसुध हो गए। भोला का कहना था कि उनके बेटे और बेटी अकारण मारे गए। आंगन में बेटी का शव और गैलरी में पत्नी रानी और बेटे मोहन का शव पड़ा हुआ था।