वाराणसी। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से कंदवा क्षेत्र की राज तिलक नगर कॉलोनी निवासी मर्चेंट नेवी के इंजीनियर संतोष और उनकी पत्नी कंचन खासे दुखी हैं। कंचन ने बुधवार को कहा कि सुषमा जी ने हाथ बढ़ाया तो मैं आज सुहागिन हूं। उन्हीं की वजह से मेरे पति समुद्री लुटेरों के चंगुल से छूट कर वापस घर आए। दंपति ने कहा कि हमें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि सुषमा जी अब इस दुनिया में नहीं रहीं। जनता के सुखदुख से सरोकार रखने वाले सुषमा जी जैसे नेता बहुत कम हैं। शाम के समय दंपति ने अश्रुपूरित नेत्रों से कैंडल जला कर पूर्व विदेश मंत्री को श्रद्धांजलि दी।
राजतिलक नंगर कॉलोनी में लगभग नौ साल से मकान बनवा कर रह रहे इंजीनियर संतोष कुमार भारद्वाज ने बताया कि 25 मार्च 2016 को नाइजीरिया में मालवाहक जहाज को ले जाने के दौरान समुद्री लुटेरों ने उनका अपहरण कर लिया था। इस दौरान उन्हें नाइजीरिया के जंगलों में रखा गया था। अपहरण की सूचना मिलने पर पत्नी कंचन भारद्वाज ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट किया था। ट्वीट का जवाब तत्काल देते हुए सुषमा जी ने लिखा था कि बहन तुम चिंता मत करो, तुम्हारे पति को मैं कुछ नहीं होने दूंगी। उधर, कंचन ने रुंधे गले से बताया कि सुषमा जी के अथक प्रयास की बदौलत ही उनके पति 10 मई को लुटेरों के चंगुल से छूटे और 11 मई की रात घर पहुंचे। कंचन ने कहा कि सुषमा जी का निधन देश के साथ ही हमारे परिवार की भी व्यक्तिगत क्षति है।