पिछले वर्ष अमेरिका में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिखों को लेकर एक बयान दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह काफी चर्चा में आया था। गुरुवार को वाराणसी में इसको लेकर मुकदमा दर्ज करवाने अर्जी दाखिल की गई है।
अमेरिका में भड़काऊ बयान देने के मामले में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए जिला जज संजीव पांडेय की कोर्ट में गुरुवार को निगरानी अर्जी दाखिल की गई।
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कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तिथि नियत की है। साथ ही अपना पक्ष रखने के लिए विपक्षी उत्तर प्रदेश सरकार और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। इससे पहले निचली अदालत ने 28 नवंबर 2024 को राहुल गांधी के खिलाफ दी गई अर्जी खारिज कर दी थी।
सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज की कोर्ट में निगरानी अर्जी दाखिल की। निगरानी अर्जी में कहा गया कि निचली अदालत सरसरी तरीके से हमारी अर्जी खारिज कर दी है। विधि के अनुसार आदेश नहीं दिया गया।
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इस मामले में दस्तावेजी साक्ष्य हैं। अर्जी में कहा गया कि पिछले वर्ष अमेरिका के दौरे पर गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में सिखों के बीच असुरक्षा का माहौल है। उन्हें पगड़ी और कड़ा पहनने का अधिकार नहीं है और न गुरुद्वारों में जाने की अनुमति है।
राहुल गांधी के इस बयान का खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने समर्थन किया है। उनके बयान से ऐसा लगता है कि भारत में गृहयुद्ध भड़काने की उनकी साजिश है।