पीएम के संसदीय क्षेत्र काशी में विकास कार्यों की धीमी गति पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई है। शनिवार को मंडलायुक्त सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने तय समय में योजनाओं के पूरा न होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा।
पेयजल, सफाई, सीवर से जुड़ी योजनाओं को खासतौर से जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, केंद्र सरकार की ओर से संचालित हृदय, अमृत, नमामि गंगे और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी लाने की ताकीद की। कहा कि इन योजनाओं के कार्य तय मियाद पर पूरा न हुए तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि हृदय, अमृत, नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन की कार्यदायी संस्थाओं की निगरानी उच्चाधिकारी खुद करें। गुणवत्ता के साथ युद्ध स्तर पर काम कराया जाए। कहा कि विकास परियोजनाआें के लिए कोई भी डीपीआर जनता को ध्यान में रखकर बनाएं।
जनप्रतिनिधियों के सुझाव भी शामिल किए जाएं। विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं को पूरी जवाबदेही के साथ काम कराना होगा।
मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण को हर सप्ताह और पंद्रह दिन पर विकास कार्यों की समीक्षा करने और उसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। चरणबद्ध तरीके से लक्ष्य निर्धारित कर कार्यों को समय से पूरा कराने की ताकीद की।
मनमाना बनवाए शौचालय तो होगी कार्रवाई
शहर में जायजा से बनवाए गए सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा के दौरान जगह का चयन सही न होने की बात सामने आई। मनमाने तरीके से शौचालयों के निर्माण पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय अपर सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कड़ी आपत्ति जताई।
नगर विकास मंत्री की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि कई सामुदायिक शौचालय ऐसी जगह बनवा दिए गए हैं, जहां उनका उपयोग ही नहीं है। इस बारे में उनके सवालों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
अपर सचिव ने अपेक्षित स्थानों के बजाए गलत जगहों पर बने सामुदायिक शौचालयों के लिए स्थान चयन करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने और उन्हें दंडित करने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया। साथ ही, ताकीद की कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण ऐसे स्थानों पर कराए जाएं, जहां उनका अधिकतम इस्तेमाल हो।
स्वच्छता अभियान कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए नगर विकास मंत्री ने दो अक्तूबर तक शहरी सीमा के सभी 90 वार्डों को खुले में शौचमुक्त करने के निर्देश दिए। ट्रैक के आसपास खाली जमीन पर शौचालय बनाने में रेलवे के सहयोग नहीं करने की शिकायत पर एक अधिकारी को दिल्ली में कैंप कर रेलवे से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेेने के निर्देश दिए।