कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी सहित कई विरोधी पार्टियां चाहती हैं कि पाकिस्तान से आने वाले मुसलमानों को भी यहां की नागरिकता दी जाए। एक तो पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर मुसलमानों का उत्पीड़न नहीं होता और दूसरे अगर उन्हें यहां की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान कर दिया जाएगा तो हिंदुस्तान का भी हाल पाकिस्तान जैसा हो जाएगा। हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे, उन्हें या तो इस्लाम कबूल करना पड़ेगा या हिंदुस्तान छोड़ना पड़ेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निहीत स्वार्थ में कांग्रेस ने 1947 में इस देश के दो टुकड़े कर दिए थे और अब टुकड़े-टुकड़े करने के लिए देशहित के कानून के संदर्भ में अफवाह फैला कर लोगों से बवाल करा रहे हैं। उन्होंने लोगों को सावधान किया कि अस्तित्व की रक्षा के लिए ऐसे तत्वों का जमकर विरोध होना चाहिए। विधायक ने कहा कि आरएसएस को ये लोग उग्रवादी कहते हैं और मुस्लिम चरमपंथियों को भटके हुए मासूम बताते हैं। ऐसे लोगों को इस देश की जनता माफ नहीं करेगी।