सुप्रीम कोर्ट में स्वामी वासुदेवानंद की तरफ से बद्रिकाश्रम में आयोजित होने वाले पट्टाभिषेक कार्यक्रम पर रोक लगाने की याचिका 14 अक्तूबर को दी गई थी।
पुरी के शंकराचार्य ने भी उठाए थे सवाल
पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने ट्वीट करके ज्योतिष पीठ और द्वारका पीठ के शंकराचार्य के तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और स्वामी सदानंद के शंकराचार्य घोषित करने पर सवाल उठाए थे। ट्वीट में कहा गया था कि स्वामी स्वरूपानंद ने अपने जीवन में कभी किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की थी।