बीएचयू आईआईटी के छात्र रहे बीएन खेतान के सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने भेलूपुर में जमीन की एक बड़ी जालसाजी का भंडाफोड़ किया है। भोगाबीर में एक व्यक्ति की जमीन को अपना बताकर भू माफिया ने जमीन का सट्टा कर दिया था। क्रेता और विक्रेता दोनों मिले हुए थे। सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने इस धांधली को पकड़ लिया। खेतान ने जालसाजी के मामले की शिक ायत डीएम विजय किरन आनंद से की है।
मूल रूप से रामकटोरा निवासी खेतान कोलकाता में कोराबार करते हैं। उनका दावा है कि उनके द्वारा अविष्कृत सुपर ह्यूमन कं प्यूटर से जमीन, बिजली, मोबाइल समेत कुछ और क्षेत्रों में की जा रही जालसाजी पकड़ी जा सकती है। सुपर ह्यूमन कंप्यूटर की मदद से ही उन्हें पता चला कि भोगाबीर में भू माफिया ने एक व्यक्ति की कीमती जमीन को खरीद लिया।
2014 में जमीन की रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज कर दिया है। विक्र्र्रेता ने कागजात में अलग-अलग प्रकार से हस्ताक्षर किए लेकिन सरकारी कर्मचारी इस गलती को नहीं पकड़ सके। बाद में इसी खामी को उनके सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने पकड़ लिया।
खेतान का कहना है कि उन्होंने जमीन के वास्तविक स्वामी को पूरे मामले से अवगत कराया लेकिन बदमाशों की धमकी से वह सहम गए और पुलिस में शिकायत नहीं की। इसके बाद खेतान ने जालसाजी के इस मामले को डीएम के संज्ञान में दिया है।