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गंगा में 10 दिन बहती रहीं सुनैना: जिंदा देख फफक पड़ा परिवार, बताया- कैसे बची रही; मल्लाहों को देख जगी उम्मीद

Mon, 14 Sep 2026 07:05 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

बक्सर से गंगा में बहते हुए चैनछपरा पहुंचीं 55 वर्षीय सुनैना देवी ने परवल के खेत की झोपड़ी में कई दिन गुजारे। करीब 10 दिन तक गंगा में बहने के बाद जब वह डूबने लगीं तो मल्लाहों की नजर पड़ी। मल्लाहों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। महिला के मिलने की सूचना पर ग्रामीणों में भी कौतूहल रहा।
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परिवार के साथ सुनैना देवी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’... यह कहावत सोमवार को गंगा की लहरों के बीच सच साबित हो गई। बिहार के बक्सर जिले से करीब 10 दिन पहले गंगा की तेज धारा में बही 55 वर्षीय सुनैना देवी चैन छपरा गांव के सामने पहुंच गईं। बाढ़ के पानी के बीच परवल के खेत में बनी झोपड़ी में कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रहीं। सोमवार को मदद की तलाश में झोपड़ी से निकलीं तो गहरे पानी में डूबने लगीं। उनकी आवाज सुनकर मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने जान जोखिम में डालकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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सुनैना देवी बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव निवासी जनार्दन गोंड की पत्नी हैं। बताया गया कि करीब 10 दिन पहले स्नान करते समय वह गंगा की तेज धारा में बह गई थीं। काफी दूर बहने के बाद किसी तरह एक स्थान पर पहुंचीं, जहां उन्हें परवल के खेत में बनी झोपड़ी दिखाई दी। चारों ओर बाढ़ का पानी होने के कारण वह उसी झोपड़ी में शरण लेकर कई दिनों तक किसी के आने का इंतजार करती रहीं। उनके मुताबिक इस दौरान उन्होंने गंगा का पानी पीकर अपनी जान बचाई।

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सोमवार सुबह मदद की उम्मीद में वह झोपड़ी से निकलकर पानी में आगे बढ़ीं। कुछ दूर जाने पर अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। आसपास सरपत लगा होने के कारण उनकी मुश्किल और बढ़ गई। इसी दौरान पास में मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने महिला की आवाज सुनी। सुनैना उस समय ‘शिवगुरु-शिवगुरु’ पुकार रही थीं। आवाज सुनते ही मल्लाह मौके पर पहुंचे और उन्हें पानी से बाहर निकाल लिया।

महिला के मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस उन्हें थाने ले गई और पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी। उधर, सुनैना के लापता होने के बाद बिहार में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उनके तीन बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड लगातार मां की तलाश कर रहे थे।
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मां को सामने देख फफक पड़े परिजन
सुनैना के मिलने की खबर मिलते ही उनके पति, तीनों बेटे, पड़ोसी और रिश्तेदार समेत करीब 20 लोग हल्दी पहुंचे। मां को सामने देखते ही परिजन एक-दूसरे से लिपटकर फफक-फफक कर रो पड़े। करीब 10 दिन तक गंगा की धारा में लापता रहीं सुनैना को जिंदा पाकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। थानाध्यक्ष राजू कुमार राय ने बताया कि गंगा में बहकर आई महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
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