सोमवार सुबह मदद की उम्मीद में वह झोपड़ी से निकलकर पानी में आगे बढ़ीं। कुछ दूर जाने पर अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। आसपास सरपत लगा होने के कारण उनकी मुश्किल और बढ़ गई। इसी दौरान पास में मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने महिला की आवाज सुनी। सुनैना उस समय ‘शिवगुरु-शिवगुरु’ पुकार रही थीं। आवाज सुनते ही मल्लाह मौके पर पहुंचे और उन्हें पानी से बाहर निकाल लिया।
महिला के मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस उन्हें थाने ले गई और पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी। उधर, सुनैना के लापता होने के बाद बिहार में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उनके तीन बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड लगातार मां की तलाश कर रहे थे।
मां को सामने देख फफक पड़े परिजन
सुनैना के मिलने की खबर मिलते ही उनके पति, तीनों बेटे, पड़ोसी और रिश्तेदार समेत करीब 20 लोग हल्दी पहुंचे। मां को सामने देखते ही परिजन एक-दूसरे से लिपटकर फफक-फफक कर रो पड़े। करीब 10 दिन तक गंगा की धारा में लापता रहीं सुनैना को जिंदा पाकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। थानाध्यक्ष राजू कुमार राय ने बताया कि गंगा में बहकर आई महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।