वाराणसी। सूर्य उत्तरा फाल्गुनी से हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर गए हैं और 10 अक्तूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसका शुभ असर मेष, कर्क और धनु राशि वालों पर रहेगा। वृष, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि वाले लोगों के लिए मिलाजुला समय रहेगा। वहीं मिथुन, तुला, कुंभ और मीन राशि वाले लोगों को संभलकर रहना होगा।
काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनरायण द्विवेदी ने बताया कि सूर्य 27 सितंबर से 10 अक्तूबर तक हस्त नक्षत्र में गतिमान होंगे। रविवार और हस्त नक्षत्र दोनों के स्वामी सूर्य ही हैं। ऐसी स्थिति साल में एक बार ही बनती है। सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन होने से मौसम में भी बदलाव होगा। सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है। बड़े पद पर काबिज लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा। प्रशासनिक बदलाव की भी संभावना बन रही है।
अधिकमास में हस्त नक्षत्र में सूर्य का आना शुभ
ज्योतिषाचार्य पं गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि अधिकमास के दौरान सूर्य का हस्त नक्षत्र में आना शुभ फल देने वाला रहेगा। लक्ष्मी दायक नक्षत्र होने से अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। उद्योग और व्यवसाय बढ़ेगा। धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी। जौ, गेहूं, ज्वार, हींग, हल्दी, मसाले और कपड़ों की कीमत बढ़ सकती है। मौसम के बदलाव से फैलने वाली बीमारियों का संक्रमण भी कम हो सकता है।
कुंभ सहित 4 राशियों के लिए अशुभ समय
मिथुन, तुला, कुंभ और मीन राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। विवाद होने की आशंका है। धन हानि और सेहत संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। नए काम की शुरुआत करने से बचना होगा। कर्ज न लें। काम में लापरवाही और जल्दबाजी से बचें।
मेष, कर्क और धनु राशियों के लिए अच्छा समय
मेष, कर्क और धनु राशि वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। इन राशि वाले लोगों को किस्मत का साथ मिल सकता है। प्रॉपर्टी और आर्थिक मामलों में फायदा मिल सकता है। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की मिल सकती है। सेहत के लिए समय अच्छा रहेगा।
मकर सहित चार राशियों के लिए मिलाजुला समय
वृष, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि वाले लोगों के लिए समय मिलाजुला रहेगा। तीन राशि वाले लोगों के काम तो पूरे होंगे, लेकिन मेहनत ज्यादा करनी होगी। तनाव भी बढ़ेगा। धन लाभ के साथ खर्च बढ़ सकता है।
उगते सूर्य को करें प्रणाम
हस्त नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। इसलिए सूर्योदय से पहले नहाएं। सूर्य को जल चढ़ाएं और उगते हुए सूरज को प्रणाम करें। रविवार को बिना नमक का भोजन करें। लाल चंदन घिसकर पानी में कुछ बूंदे डालकर नहाएं।