चूहों पर अध्ययन में मिली सफलता
शोध करने वाले प्रो. विकास दूबे का कहना है कि इस टीके की रोगनिरोधी क्षमता का मूल्यांकन चूहों के मॉडल में प्री क्लिनिकल अध्ययनों में किया गया था जिसमें संक्रमित चूहों की तुलना में टीकाकृत संक्रमित चूहों के यकृत और प्लीहा अंगों में परजीवी भार में उल्लेखनीय कमी देखी गई थी।
टीका लगाए गए चूहों में परजीवी के बोझ को साफ करने से वैक्सीन के सफलता की संभावना प्रबल हो जाती है। हाल ही में यह शोध प्रतिष्ठित पत्रिका ’सेलुलर इम्यूनोलॉजी’ में भी प्रकाशित हुआ है। भविष्य में वैक्सीन के दावेदार के रूप में उपयोग किया जा सकता है।