अनिल केसरी ने कहा भारत के कुछ राज्यों की सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि तमिलनाडु, पंजाब, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल,और राजस्थान पर ज्यादा कर्ज है। हमें नई रणनीति बनानी चाहिए, क्योंकि अगर इसे रोका नहीं गया तो एक दिन केंद्र पर भारी बोझ आएगा। जिसका नुकसान पूरे देश को होगा। कुछ राज्यों में सब कुछ मुफ्त की रेवीड़यां के तहत बांटने की होड़ मची है।
ऐसे में उन्हें रोका नहीं गया तो ऐसे हालात हो सकते हैं, जैसे श्रीलंका के हो चुके हैं। उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली जैसे अन्य कई राज्यों में जिस प्रकार से बिजली फ्री, पिछला बिल माफ, महिलाओं को हर महीने पेंशन तथा नाना प्रकार के प्रलोभन देने वाले घोषणा की गई है वो आने वाले दिनों में आर्थिक रूप से एक गंभीर चुनौती साबित होगा। जिसका खामियाजा देश की सारी जनता को भुगतना पड़ेगा।
अंत में सभी वक्ताओं ने सरकार से अपील करते हुए मांग किया कि सरकार द्वारा गरीबों को दिए जाने वाला मुफ्त राशन का निर्णय स्वागत योग्य है। मगर यह जांच का विषय भी है कि मुफ्त में बांटे गए राशन सही हाथ में पहुंच रहा है या लाभान्वित व्यक्ति द्वारा उस राशन का धड़ल्ले के साथ बाजार में खरीद-फरोख्त हो रहा है। साथ ही साथ फ्री में बिजली देने के बजाय अगर महंगी बिजली का रेट कम कर दिया जाए तो उसका सभी वर्गों (मध्यम वर्गीय परिवार) को भी लाभ मिलेगा।