महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।
केस एक
बीए ऑनर्स मास कॉम के छात्र गोपाल यादव ने डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। भुगतान भी ऑनलाइन किया। उस दौरान कोई निर्देश नहीं था कि ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद दस्तावेज की हार्ड कॉपी जमा करनी होगी। छात्र के पास जब डिग्री तैयार होने का संदेश नहीं आया तो वह विश्वविद्यालय पहुंचा। बताया गया कि हार्ड कॉपी जमा करनी होगी। स्टूडेंट पोर्टल पर लॉगिन किया तो न तो पाठ्यक्रम नजर आया और न ही फीस की रसीद।
केस दो
बीएससी टेक्सटाइल के छात्र अमित यादव ने डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। भुगतान के बाद भी जब डिग्री के लिए कोई संदेश नहीं आया तो छात्र विश्वविद्यालय पहुंचा। एजेंसी के कार्यालय में जानकारी मांगी तो काउंटर पर संपर्क करने को कहा गया। काउंटर पर बताया गया कि फिर से पैसा जमा करिये, रसीद लगाइए और फॉर्म भरकर जमा करिये तभी डिग्री मिलेगी।