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बीएचयू में इफ्तार पर बवाल: कुलपति आवास को छात्रों ने गंगाजल से किया शुद्ध, कार्रवाई न होने के विरोध में कराया मुंडन

Fri, 29 Apr 2022 09:11 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी

सार

बीएचयू में रोजा इफ्तार पार्टी को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार की शाम छात्रों ने कुलपति आवास के बाहर पहुंचकर मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल से कुलपति आवास को शुद्ध किया। 
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बीएचयू परिसर में गंगाजल छिड़ते छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में इन दिनों इफ्तार पार्टी के बाद से ही विवाद शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीएचयू महिला महाविद्यालय में रोजा इफ्तार और परिसर की दीवारों पर जाति विशेष को लेकर टिप्पणी लिखने का विरोध शुक्रवार को भी हुआ। छात्रों ने वीसी आवास पहुंचकर वहां गेट पर गंगाजल छिड़का।

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इसके साथ ही आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज होकर मुंडन भी कराया। महिला महाविद्यालय में रोजा इफ्तार पार्टी के बाद छात्रों ने कुलपति आवास पर प्रदर्शन किया था। इसके अगले दिन बृहस्पतिवार को हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर कार्यवाही नहीं हो जाएगी तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

महामना का परिसर शिक्षा के लिए, चालीसा और अजान के लिए नहीं

बीएचयू में रोजा-इफ्तार पर छात्रों के हंगामे पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम बीएचयू को जेएनयू नहीं बनने देंगे। महामना का परिसर शिक्षा ग्रहण करने के लिए है न कि चालीसा और अजान पढ़ने के लिए। चंद लोगों के पेट में दर्द से सामाजिक समरसता का ताना-बाना नहीं टूट सकता है। 

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शुक्रवार को पूर्व जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने विज्ञप्ति के माध्यम से कहा बीएचयू के कुलपति होली, दीपावली और ईद-बकरीद भी मनाते हैं। हम सभी काशीवासी कुलपति का आभार व्यक्त करते हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। 

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि इसके पूर्व भी बीएचयू में इफ्तार मनाया जाता रहा है लेकिन कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।  कहीं न कहीं भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, अपराध और भ्रष्टाचार से ध्यान हटाकर धर्मांधता का चोला ओढ़कर समाज को बांटने में लगी है। 
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