महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भूख हड़ताल के दौरान छात्रनेता दो गुटों में बंट गए। देर रात एक गुट ने कुलपति प्रो. एके त्यागी के समझाने पर अनशन समाप्त कर दिया जबकि दूसरा गुट डटा रहा। पहले गुट के छात्रों को कुलपति ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों का धरना गुरुवार को अनशन में तब्दील हो गया। छात्रों ने दोपहर बाद से भूख हड़ताल शुरू कर दी और बरसात में भीगते हुए अनशन जारी रखा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से देर रात तक छात्रों को मनाने की कवायद होती रही, लेकिन छात्र चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे पर अड़े रहे।
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गुरुवार दोपहर छात्र नेताओं ने आपसी सहमति के बाद धरने को अनशन में तब्दील कर दिया और 11 छात्रनेता भूख हड़ताल पर बैठ गए। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित में सूचना भेजी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी वह भूख हड़ताल पर रहेंगे।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।
देर शाम को कुलपति प्रो. एके त्यागी ने भी धरना स्थल पर छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अड़े रहे। चीफ प्रॉक्टर डॉ. अमिता सिंह ने छात्रसंघ अध्यक्ष को पत्र भेजकर अनशन पर बैठे सभी छात्रों से उनके परिचय पत्र, आधार कार्ड, और स्थायी निवास का संपूर्ण विवरण मांगा, ताकि वह छात्रों के स्वास्थ्य जांच की बेहतर व्यवस्था करे सकें। शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अनशन पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की। मौके पर पुलिस को भी तैनात किया गया है।
भूख हड़ताल पर दो फाड़ हुए छात्रनेता
भूख हड़ताल के दौरान छात्रनेता दो गुटों में बंट गए। देर रात एक गुट ने कुलपति प्रो. एके त्यागी के समझाने पर अनशन समाप्त कर दिया जबकि दूसरा गुट डटा रहा।
पहले गुट के छात्रों को कुलपति ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। साथ ही कहा कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अभिषेक सोनकर, रविंद्र पटेल, शशि प्रकाश चंदन, गौतम मिश्रा, दिव्यांश सिंह व अभिरंजन सिंह ने धरना समाप्त कर दिया। वहीं, संदीप पाल, विवेक सिंह किशन और रितिक सिंह इस्तीफे की मांग पर अनशन पर बैठे हुए हैं।