आईआईटी बीएचयू में समय से स्टाइपेंड न मिलने के विरोध में शोध छात्रों ने सोमवार को निदेशक कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने आईआईटी बीएचयू प्रशासन पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों और अन्य लोगों ने बातचीत कर धरना खत्म करने को कहा, लेकिन छात्र लिखित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान उनकी अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
आईआईटी के विभिन्न विभागों में शोध करने वाले छात्रों ने बताया कि नियमानुसार शोध छात्रों को पांच साल तक 35 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की व्यवस्था है। 2016 से शोध कार्य कर रहे छात्रों का पांच साल का समय बीत गया। पिछले बैच की तरह ही हम लोगों ने भी नौ माह पहले ही आवेदन दिया था तब निदेशक सहित अन्य अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सोमवार को निदेशक ने भी बातचीत की, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। अब मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।