सूचना पाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी पहुंच गए और छात्रों को मनाने का प्रयास किया लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि अगर विश्वविद्यालय ने मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस दौरान विवेक सिंह, विपुल सिंह, सूर्यभान सिंह, अभिनव कुमार, पवन, सृजन जायसवाल आदि छात्र-छात्रा मौजूद रहे।