बीएचयू से कचहरी तक विरोध, नारेबाजी
उधर, यूजीसी की नई नियमावली पर मंगलवार को बीएचयू कैंपस से लेकर कचहरी तक छात्रों, विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने विरोध कर इसे सवर्णों के हित के विपरीत बताया। यूजीसी के फैसले के विरोध में नारेबाजी कर नये नियम को रद करने की मांग की। लोगों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। चेतावनी दी कि अगर यूजीसी और सरकार ने इस पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
यूजीसी नियमावली के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण बताया। कहा कि इस तरह के नियम के लागू होने से सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज होने का खतरा बढ़ जाएगा। अगर केंद्र सरकार और यूजीसी इन प्रावधानों को वापस नहीं लेती है या संशोधन नहीं करती है तो दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा।
बीएचयू कैंपस में छात्रों ने यूजीसी की ओर से लागू किए गए प्रमोशन ऑफ इक्विटी नियम के विरोध में प्रदर्शन किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय पर प्रदर्शन कर नियम को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की गई। हिमांशु राय, आशुतोष शुक्ला ने चेतावनी दी कि नया नियम वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कचहरी पर केसरिया भारत संस्था से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। भाजपा किसान मोर्चा के जिला मंत्री एडवोकेट प्रिंस चौबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। प्रिंस चौबे ने कहा है कि नए नियमों को लेकर आमजन, छात्र और शिक्षक वर्ग में भय है।