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Varanasi News: यूजीसी के नए नियम के खिलाफ वाराणसी में विरोध, काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया प्रदर्शन

Wed, 28 Jan 2026 03:06 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: यूजीसी नियमावली का वाराणसी में जमकर विरोध किया जा रहा है। बुधवार को काशी विद्यापीठ के छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। 
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काशी विद्यापीठ के छात्रों ने सड़क पर बैठकर किया विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूजीसी के नए नियम को लेकर बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र उग्र हो गए। सुबह से आठ संकायों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्रों ने ताला लगाने के बाद जुलूस निकालते हुए जमकर नारेबाजी की। यूजीसी रोल-बैक के नारे के साथ छात्रों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।

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राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन ने यूजीसी के नए नियमों का किया विरोध 
राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन के अध्यक्ष रोशन पांडेय ने यूजीसी के नए नियम का विरोध करते हुए अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री को भेजा है। इसके साथ ही उन्होंने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजकर इस्तीफा देने की बात भी कही। रोशन पांडेय ने कहा कि भाजपा सवर्णों को मिटाने और उनका गला घोंटने के लिए यूजीसी के नए नियम को लेकर आई है। यह हम सवर्ण जाति ब्राह्मण, भुमिहार, राजपूतों पर सर्जिकल स्ट्राइक है।  

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बीएचयू से कचहरी तक विरोध, नारेबाजी
उधर, यूजीसी की नई नियमावली पर मंगलवार को बीएचयू कैंपस से लेकर कचहरी तक छात्रों, विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने विरोध कर इसे सवर्णों के हित के विपरीत बताया। यूजीसी के फैसले के विरोध में नारेबाजी कर नये नियम को रद करने की मांग की। लोगों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। चेतावनी दी कि अगर यूजीसी और सरकार ने इस पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

यूजीसी नियमावली के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण बताया। कहा कि इस तरह के नियम के लागू होने से सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज होने का खतरा बढ़ जाएगा। अगर केंद्र सरकार और यूजीसी इन प्रावधानों को वापस नहीं लेती है या संशोधन नहीं करती है तो दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। 

बीएचयू कैंपस में छात्रों ने यूजीसी की ओर से लागू किए गए प्रमोशन ऑफ इक्विटी नियम के विरोध में प्रदर्शन किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय पर प्रदर्शन कर नियम को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की गई। हिमांशु राय, आशुतोष शुक्ला ने चेतावनी दी कि नया नियम वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

कचहरी पर केसरिया भारत संस्था से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। भाजपा किसान मोर्चा के जिला मंत्री एडवोकेट प्रिंस चौबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। प्रिंस चौबे ने कहा है कि नए नियमों को लेकर आमजन, छात्र और शिक्षक वर्ग में भय है।
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