बीएचयू से संचालित सेंट्रल हिंदू गर्ल्स और ब्वायज स्कूल (सीएचएस) में कक्षा 6-9 में ई लॉटरी सिस्टम से दाखिले के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। शनिवार को एनएसयूआई की बीएचयू इकाई के बैनर तले छात्रों ने सेंट्रल आफिस पर प्रदर्शन कर कुलपति को ज्ञापन सौंपा। इसमें ई लॉटरी के फैसले को वापस लेते हुए दोबारा प्रवेश परीक्षा कराने का आदेश जारी करने की मांग की।
छात्रों ने 48 घंटे का अल्टीमेटम विश्वविद्यालय प्रशासन को देते हुए कहा कि अगर मांगें नही मानी गई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। एनएसयूआई की बीएचयू इकाई की ओर से कहा गया है कि स्थापना से लेकर अब तक सीएचएस ने एक मजबूत नींव की तरह काम किया है। दो साल से कोरोना के नाम पर प्रवेश परीक्षा को बंद कर ई लॉटरी और दसवीं परसेंटेज के नाम पर प्रवेश दिया जा रहा है। इस दौरान विकास सिंह, रोहित कुमार, वंदना उपाध्याय, अभिनवमणि त्रिपाठी, हर्ष त्रिपाठी, ओमप्रकाश कन्नौजिया, नीरज, गौरव चंदेल आदि मौजूद रहे।
फेलोशिप में बढ़ोतरी की मांग
बीएचयू में छात्रों ने अपने फेलोशिप में भी बढ़ोत्तरी की मांग के लिए भी कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। शोध छात्रों ने कुलपति को दिए ज्ञापन में बताया है कि फेलोशिप में आठ हजार रुपये प्रतिमाह और दस हजार रुपये कंटीजेंसी मद में प्रतिमाह मिलता है। वर्तमान में सीएसआईआर, डीबीटी, डीएसटी आदि ने फेलोशिप में की धनराशि में बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन बीएचयू में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है।