बीएचयू में 24 घंटे साइबर लाइब्रेरी खोलने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने निलंबन की कार्रवाई के बाद भी अपना अनशन जारी रखा। मंगलवार को अनशन पर बैठे छात्रों की गिरफ्तारी की चर्चा भी परिसर में तैरती रही। उधर, छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में छात्र संगठनों ने शाम को सिंह द्वार से प्रतिरोध मार्च निकाला। छात्रों ने नारेबाजी कर कुलपति का पुतला भी फूंका।
छात्र अधिष्ठाता कार्यालय के समक्ष पिछले सात दिनों से अनशन पर बैठे नौ छात्रों को सोमवार को विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया था। अनशन पर बैठे छात्र मंगलवार को भी अपनी जिद पर अड़े रहे, वहीं, बीएचयू प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी होने पर छात्र संगठन सड़क पर आ गए। शाम को एनएसयूआई के आह्वान पर आईसा, समाजवादी छात्र सभा, भगत सिंह छात्र मोर्चा और साझा संस्कृत मंच से जुड़े छात्रों ने सिंह द्वार से मार्च निकाला। छात्रों ने बीएचयू प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। छात्रों का निलंबन वापस लेने और कुलपति के इस्तीफे की मांग की। मार्च में विकास यादव, मृत्युंजय सिंह, सरिता पटेल, अवधेश दीक्षित और धनंजय पांडेय आदि शामिल थे।
अनुशासनहीनता में सोमवार को बीएचयू से निलंबित किए गए नौ छात्रों को इस साल परीक्षा देने से भी वंचित कर दिया गया है। अनशन पर बैठे बीए द्वितीय वर्ष के तीन छात्रों की मंगलवार को परीक्षा थी। दूसरी पाली में अर्थशास्त्र की परीक्षा देने छात्र पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया। एक छात्र किसी तरह परीक्षा में शामिल हो गया लेकिन उसकी कॉपी जमा नहीं की गई।