उनका कहना था कि कोर्स पूरा हुए बिना परीक्षा तिथि की घोषणा किया जाना न्यायसंगत नहीं है। इस बीच प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों ने किसी तरह बातचीत कर छात्रों को शांत कराया। छात्रों का कहना था कि परीक्षा की तैयारी के लिए 20-25 दिन का समय, दो पेपर के बीच गैप होने, सिलेबस को भी पूरा कराया जाना प्रमुख मांग है।