इस सूट को बनाने का मेरा उद्देश्य अपने देश के जवानों की जान-माल की रक्षा करना है। इस का प्रोटोटाइप माडल खुद मैने तैयार किया है। इसे पहन कर सुरक्षा के साथ हमारे देश के जवान, आतंकियों का सामना कर सकेंगे। श्याम ने बताया कि मेटल सूट का प्रोटोटाइप माडल बनाने में करीब एक से दो महीने का समय लगा है। साथ ही इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य ने छात्र के इस प्रयास की सराहना की है।