बुधवार को 13 बसों से कुल 367 लोग बलिया आए। इसमें कुल 323 पुरुष और और 33 व्यक्तियों के साथ 4 बच्चे शामिल थे। सभी को जिले के विभिन्न इलाकों में बने क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है। जिला प्रशासन के अनुसार इन सभी को 14 दिन क्वारंटीन में रखने के बाद 14 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा जाएगा।
इस दौरान जरूरत पड़ने पर इनकी जांच भी कराई जाएगी। यदि किसी को स्वास्थ्य लाभ की जरूरत महसूस होती है तो उसे अस्पताल भी पहुंचाया जाएगा। जिलाधिकारी ने इनके परिजनों से अपील की है कि वे इनसे मिलने का प्रयास न करें और अपने घर में ही इंतजार करें। 14 दिन का क्वारंटीन पूरा होने के बाद सभी के परिजनों को बुलाकर इन्हें घर भेज दिया जाएगा।
क्वारंटीन के दौरान योगाभ्यास भी
जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर में योग-प्राणायाम व ध्यान से सम्बन्धित संस्थाओं व अन्य गैर सरकारी संस्थाओं का भी सहयोग लिए जाने पर विचार हो रहा है। जनपद में आने वाले व्यक्तियों को महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित सूती कपड़े का दो-दो मास्क भी उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रयागराज से 11 बसों में सवार होकर 286 छात्र भी मऊ जिला पहुंचे। एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी ने बताया कि हर एक बस में सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए 26 छात्रों को बिठाया गया था। 11 बसों में कुल 286 छात्र-छात्राएं अब तक आ चुके हैं। सुबह साढ़े 8 बजे तक बसों के आने का सिलसिला जारी था।
छात्रों को घरों पर 14 दिन तक क्वारंटीन रहने को कहा गया है। छात्रों के अभिभावकों से कहा गया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए बताए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहें। किसी प्रकार की और असामान्य परिस्थिति दिखाई देने पर नजदीकी अस्पताल पर संपर्क करें।
प्रयागराज से 24 बसों द्वारा करीब 700 छात्र-छात्राएं बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण, थर्मल स्क्रीनिंग कर उनको घर भेजा गया। इन्हें 14 दिन तक घर में क्वारंटीन रहने को कहा गया है।