वाराणसी में कोरोना काल में लाख कड़ाई के बावजूद जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। सिस्टम का गला घोटकर सांसों का सौदा करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी कर रही है। सिगरा थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार देर रात चंद्रिका नगर कॉलोनी में छापा मारकर दो युवकों को तीन रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया। मजबूरी का फायदा उठाकर मरीज के तीमारदारों से एक-एक इंजेक्शन के 20-20 हजार रुपये मांग रहे थे।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि जीवनरक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन के नाम पर मनमाना पैसा लिया जा रहा है। इसके बाद टीम ने सिगरा थाना पुलिस की सहायता से सिगरा के चंद्रिकानगर कालोनी में दो युवकों को एक मरीज के तीमारदारों से 20-20 हजार रुपये सौदा करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में एक चंद्रिकानगर का सर्वेश अग्रवाल है, जबकि दूसरा चंदौली के बलुआ के महुआं कला निवासी प्रमोद पांडेय है। प्रमोद, सर्वेश के यहां काम करता है। जबकि सर्वेश अभी पढ़ाई कर रहा है। सर्वेश व प्रमोद ने मरीजों के परिजनों ने संपर्क किया था।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी कुमार पांडेय, सिगरा थाना प्रभारी अनूप कुमार शुक्ला, उप निरीक्षक धनंजय राय आदि रहे। बरामद इंजेक्शन गैर प्रांत से मंगाया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर इसकी जांच कर रहे हैं।