मीनू की सूचना पर मायके के लोग पहुंचे तो ससुराल के लोग गालीगलौज करने लगे और उन्हें भगा दिया। परेशान मीनू को कुछ नहीं सूझा तो उसने अपने दोनों बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। इस मामले में कमलेश की तहरीर पर जंसा थाने में सास सुदामा देवी, ससुर लोदी पटेल, जेठानी रेशमा और पति विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सास-ससुर और जेठानी को हिरासत में ले लिया है। जंसा थानाध्यक्ष दुर्गा सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
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पुलिस चली जाती तो शायद बच जाती तीनों की जान
हरसोस गांव के ग्रामीणों का कहना था कि सास-ससुर और जेठानी की प्रताड़ना से आजिज आकर मीनू शिकायत करने के लिए जंसा थाने की महिला हेल्पडेस्क पर गई थी। पुलिस ने घरेलू विवाद समझ कर कार्रवाई का आश्वासन देकर उसे घर भेज दिया था। काश पुलिस मौके पर चली जाती या फिर सास-ससुर को थाने ही बुलाकर समझा देती तो शायद मीनू अपने दो मासूम बच्चों के साथ जान नहीं देती।