तीन साल में नौ पदक जीत चुकीं जूनियर वर्ग की स्कूली राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी सुमन पटेल टोटो चलाती हैं। वे लंका से कैंट, छित्तुपुर, रामनगर समेत अन्य क्षेत्रों में सवारी पहुंचाती हैं।
सुमन ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से पढ़ाई के साथ काम भी करना पड़ता है। इन्हीं पैसों से किट का भी इंतजाम करना पड़ता है। फुटबॉल की चार प्रादेशिक और दो स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खेल चुकीं सुमन पटेल लंका थानाक्षेत्र के छित्तुपुर में रहती हैं। उनके पिता मधुसूदन पटेल मिस्त्री हैं। वे तीन साल से फुटबॉल खेल रही हैं।
इसी साल 12वीं उत्तीर्ण की हैं। अब प्राइवेट कॉलेज से बीए कर रही हैं। बताया कि 2021 में खेलना शुरू किया तो पिता ने एतराज किया। लड़कों की तरह ड्रेस पहनकर खेलने पर डांटा। पदक जीता तो खुश होकर खेलने की अनुमति दी। वहीं, मां गायंती देवी लगातार सहयोग करती हैं। मुझे खेलते देख बहुत्त प्रसन्न होती हैं।