फैसला आने के बाद पटाखे फोड़कर खुशी मनाते लोग
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को निर्भया केस के सभी दोषियों को डेथ वारंट जारी कर दिया। दोषियों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी। निर्भया के दोषियों की फांसी का दिन मुकर्रर होने के बाद बलिया के उसके गांव में खुशी की लहर है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाने के साथ ही पटाखे फोड़कर दिवाली भी मनाई।
निर्भया के बाबा ने कहा कि जैसे ही फांसी की जानकारी मिली पूरे गांव में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के इंतजार में आंखें पथरा गईं थीं। अब जाकर दिल को सुकून मिला है। उसके पिता ने कहा कि आखिर वह घड़ी अब नजदीक आ गई है, जिसका लंबे समय से इंतजार था। देर से ही सही, लेकिन आखिर न्याय मिला इसकी खुशी है।
खुशी जाहिर करते गांव के लोग
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गौरतलब हो कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में गैंगरेप की शिकार निर्भया की सिंगापुर में इलाज के दौरान 29 दिसम्बर 2012 को मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे देश में उबाल आ गया था। निर्भया के नाम पर पाक्सो एक्ट कानून बना, लेकिन कानूनी दांव पेंच में मामला न्यायालय में पेश होता रहा।
आखिरी दांव आरोपी अक्षय सिंह की तरफ से खेला गया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद अब सबकी निगाहें उस फैसले पर टिकीं थीं कि आखिर इन सबको को फांसी देने का दिन कब मुकर्रर होगा।
खुशी जाहिर करते गांव के लोग
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निर्भया के गांव से 13 किमी पर तैयार होकर गया है फांसी का फंदा
इसे इत्तेफाक ही कहेंगे कि निर्भया के साथ दरिंदगी दिल्ली में हुई, लेकिन फांसी का फंदा उसके गांव के पास ही बनेगा। उसके गांव से बक्सर सेन्ट्रल जेल की दूरी 13 किलोमीटर है। बक्सर सेन्ट्रल जेल में बने मनीला फंदा से ही पूरे देश में फांसी दी जाती है।