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UP Crime: समीक्षा अधिकारी परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, दो साल से हो रही थी तलाश

Sat, 04 Apr 2026 02:07 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: यूपी एसटीएफ लखनऊ की टीम ने समीक्षा अधिकारी परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी वाराणसी जिले के रोहनिया स्थित अखरी बाईपास से की गई। 
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यूपी एसटीएफ लखनऊ की टीम ने आरोपी कृष्णा पांडेय को किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 का प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोह के सदस्य कृष्णा पांडेय को एसटीएफ लखनऊ इकाई ने बृहस्पतिवार की रात अखरी बाईपास, रोहनिया से गिरफ्तार किया। दो साल से वांछित गिरफ्तार आरोपी गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र के कनेरी पिपनार का निवासी है।

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एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा 11 फरवरी 2024 को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2023 आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत मिलने पर परीक्षा निरस्त करते हुए शासन ने प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की जांच यूपी एसटीएफ को आवंटित की गई, जिसके क्रम में एसटीएफ द्वारा एक कमेटी गठित कर प्रश्नपत्र लीक प्रकरण का पर्दाफाश किया गया। 

एसटीएफ के निरीक्षक अंजनी पांडेय की विवेचना में दो साल से वांछित कृष्णा पांडेय की लोकेशन वाराणसी में मिली। निरीक्षक अंजनी पांडेय ने दबिश देकर आरोपी कृष्णा पांडेय को गिरफ्तार किया।
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एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी कृष्णा पांडेय ने बताया कि समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 का फॉर्म भरा था और मेरे सगे साले आलोक मिश्रा, निवासी बाबूरायपुर मानपुर, गाजीपुर ने भी फाॅर्म भरा था। परीक्षा से करीब 2 सप्ताह पहले हम दोनों लोगों की वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास अमरजीत शर्मा नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान उसने बताया कि मेरे कई साथी परीक्षाओं का पेपर आउट कर लेते हैं। यदि तुम लोग 12-12 लाख रुपये की व्यवस्था करो तो हम लोग पेपर आउट करवाकर तुम्हें दे सकते हैं। मुख्य परीक्षा का भी पेपर आउट करवाकर देंगे, नहीं तो रुपये वापस कर देंगे।

मार्कशीट और दो ब्लैंक चेक लिए थे

कृष्णा पांडेय के अनुसार नौकरी लग जाने के लालच में फंसकर मैं और मेरा साला उस अमरजीत शर्मा के कहने पर तैयार हो गए और मैंने व साले ने एडवांस के तौर पर 3-3 लाख रुपए नकद दिए। अमरजीत शर्मा ने गारंटी के तौर पर हम लोगों के डॉक्यूमेंट—हाईस्कूल व इंटरमीडिएट व बीए की मार्कशीट व मेरी एसबीआई बैंक के 2 ब्लैंक चेक ले लिए थे। अमरजीत शर्मा ने अपना मोबाइल नंबर दिया था। उसने 9 तारीख की सुबह भोपाल पहुंचने के लिए बताया और अपने साथी सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय का व्हाट्स एप नंबर दिया। उन लोगों ने मुझे आउट पेपर पढ़ने के लिए भोपाल बुलाया। शाम को होटल में सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय के साथ तीन-चार लोग व मेरी तरह ही अन्य कई अभ्यर्थी भी मौजूद थे। वहीं पर समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 का सामान्य अध्ययन और हिंदी का आउट प्रश्न व उत्तर पढ़ने को दिया गया था।
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चार घंटे बाद वापस ले लिया पेपर

कृष्णा पांडेय ने बताया कि 4 घंटे बाद प्रश्न-उत्तर आदि वापस ले लिए गए और वापस जाकर परीक्षा देने को कहा गया। फिर मैं और आलोक 10 फरवरी की सुबह होटल चेकआउट कर वापस आ गए और घर आकर समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 की परीक्षा दी, जिसमें वही प्रश्न आए थे, जो उन लोगों ने भोपाल स्थित होटल में दिए थे। बाद में पता चला कि पेपर आउट कराने में कई लोग पकड़े गए हैं और पेपर कैंसिल हो गया है। 

समाचार पत्रों से मालूम चला कि पेपर आउट कराने वाले गिरोह के लोगों में अमरजीत शर्मा व उसके साथी सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय भी गिरफ्तार किए गए हैं और उन लोगों से मेरा व मेरे साले के अलावा अन्य कई अभ्यर्थियों की मार्कशीट व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय को उसके साथियों सहित 23 जून 2024 को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था। प्रयागराज के थाना सिविल लाइंस में प्राथमिकी भी दर्ज है।
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