उधर, उसके ढेर होने के बाद गिरोह के अन्य कई बदमाश भूमिगत हो गए हैं। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए काफी कुछ चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगी हैं। जिला जेल में बंद उसके पुराने साथियों से भी काफी अहम जानकारियां हाथ लगी हैं।
जमीन कारोबारियों पर भी एसटीएफ की नजर
एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि अपराध से अर्जित धन का मनीष सिंह सोनू ने कहां-कहां निवेश किया है। जमीन और अपार्टमेंट का काम करने वाले कुछ लोगों को मनीष ने बड़ी रकम दी थी। रिंग रोड, हाईवे के विवादित कई जमीन पर मनीष सिंह सोनू के नाम से कब्जा है। मनीष से वास्ता रखने वाले ऐसे कालोनाइजरों की भी कुंडली खंगाली जा रही है। जमीन विवाद में जो भी उलझता, उसे मनीष ठिकाने लगाता था। जमीन की पंचायत में ही रोहनिया के एनडी तिवारी की हत्या कर दी थी।
लंका थाना अंतर्गत नरोत्तमपुर निवासी दो लाख के इनामी मनीष सिंह का शव देर रात पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। भोर के समय हरिश्चंद्र घाट पर मनीष का दाह संस्कार पुलिसकर्मियों के बीच किया गया। मुखाग्नि पिता अनिल सिंह ने दिया। मनीष के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे कई लोगों की एसटीएफ की टीम ने निगरानी करती रही।