दरोगा अजय यादव कांड से सुर्खियों में आया
लल्लन सिंह का नाम वर्ष 2022 में सबसे अधिक चर्चा में तब आया, जब उसने अपने भाइयों मनीष सिंह और रजनीश सिंह के साथ मिलकर वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में तैनात सब-इंस्पेक्टर अजय यादव पर हमला कर पिस्टल छिन ली थी। 8 नवंबर 2022 को दरोगा अजय यादव अपने निर्माणाधीन मकान को देखने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें रोककर गोली मार दी और उनकी सरकारी पिस्टल तथा पर्स लूटकर फरार हो गए। इस घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया था।
बैंक डकैती में तीन लोगों की हत्या
इससे पहले 6 मार्च 2017 को पटना के बेलछी थाना क्षेत्र में पीएनबी शाखा के सामने लल्लन सिंह और उसके गिरोह ने बड़ी डकैती को अंजाम दिया था। आरोप है कि बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर बैंक के दो सुरक्षा गार्डों और एक कैश वैन चालक की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद लगभग 60 लाख रुपये की नकदी लूट ली गई थी। यह घटना उस समय बिहार की सबसे चर्चित बैंक डकैतियों में शामिल रही।
24 सितंबर 2016 को पटना के फतुहा थाना क्षेत्र में लल्लन सिंह और उसके साथियों ने ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर आर.आर. चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उनकी सरकारी पिस्टल भी लूट ली गई थी। इसी वर्ष बाढ़ थाना क्षेत्र में एएसआई सुरेश ठाकुर की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
27 फरवरी 2017 को नालंदा जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र में कैश वैन पर हमला कर गार्ड बृजनंदन प्रसाद सिंह और कैशियर रंजीत कुमार की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद करीब 20 लाख रुपये की नकदी लूट ली गई थी। इस मामले में भी लल्लन सिंह और उसके गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी।
वाराणसी में पुलिस से मुठभेड़
दरोगा अजय यादव पर जानलेवा हमले के बाद 21 नवंबर 2022 को वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र में पुलिस और लल्लन गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके भाई मनीष सिंह और रजनीश सिंह मारे गए, जबकि लल्लन सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दरोगा अजय यादव से लूटी गई सरकारी पिस्टल भी बरामद कर ली थी।
इसके अलावा चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में गोली मारकर मोटरसाइकिल लूटने तथा वाराणसी के लंका थाने में चोरी समेत कई अन्य मुकदमे भी उसके खिलाफ दर्ज थे। वर्षों तक फरार रहने के बाद अंततः लल्लन सिंह का आपराधिक सफर एसटीएफ की मुठभेड़ में समाप्त हो गया, लेकिन उसका नाम उत्तर प्रदेश और बिहार के चर्चित अपराधियों में लंबे समय तक याद किया जाएगा।