वाराणसी। सोशल मीडिया पर विदेशी में नौकरी दिलाने का झांसा देने के बाद बंधक बनाकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह के सदस्य 50 हजार के इनामी बदमाश राजेश कुमार उर्फ संतोष दूबे को एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने गिरफ्तार किया है। राजेश को मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित उसके घर से पकड़ कर कैंट थाने की पुलिस को सौंपा गया है। राजेश के पास से एक मोबाइल और दो आधार कार्ड बरामद किया गया है।
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म के माध्यम से अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों में नौकरी और वीजा दिलाने का झांसा देकर लोगों को एक गिरोह के सदस्य बंधक बना लेते थे। इसके बाद पैसा ऐंठ रह कर छोड़ देते थे। एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डीएसपी विनोद सिंह ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ बीते साल दिसंबर महीने में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरोह के सरगना आजमगढ़ निवासी राजवीर सिंह यादव, नेपाल निवासी कपिल उर्फ भाटिया और कोलकाता निवासी पवन गांधी को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार चल रहे गिरोह के सदस्य राजेश कुमार उर्फ संतोष को भी गिरफ्तार किया गया है और ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया गया।
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गिरोह के सदस्य ऐसे करते थे अवैध वसूली
राजेश ने बताया कि उसका गिरोह वर्ष 2017 से काम कर रहा है। इसका सरगना राजवीर सिंह यादव है। यह गिरोह दो भागों में बटकर अपराध करता था। पहले भाग को पवन गांधी संचालित करता था। पवन गांधी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर फर्जी आईडी से यूएसए और कनाडा में जॉब दिलाने का विज्ञापन पोस्ट करता था। इच्छुक व्यक्ति को बताया जाता था कि नौकरी मिलने के बाद 15 से 20 लाख रुपये देना पड़ेगा। अग्रिम धनराशि के रूप में कुछ नहीं लगेगा। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को वाराणसी या अन्य ठिकानों पर बुलाया जाता था। यहां से गैंग के दूसरे भाग का काम शुरू हो जाता था। इसका नेतृत्व राजवीर सिंह यादव करता था। राजवीर सिंह यादव अपने गैंग के सदस्य राजेश कुमार उर्फ संतोष, कपिल उर्फ भाटिया उर्फ भाष्कर आदि शामिल के माध्यम से होटल और व्यक्ति की निगरानी कराता था। संबंधित व्यक्ति को एयरपोर्ट ले जाने की बात कहकर सारनाथ और सिगरा स्थित अपने ठिकाने पर ले जाकर बंधक बनाकर मारपीट कर धमकाते हुए परिजनों से बात करवाते थे कि हम एयरपोर्ट पहुंच गए हैं, हमारी बोर्डिगिं तैयार हो गई है और अब अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर रहा हूं। विदेश में फ्लाईट के पहुंचने की अवधि के हिसाब से संबंधित देश का वर्चुअल नंबर इंटरनेट से तैयार कर पुन: मारपीट कर परिवार के लोगों से यह बात कराते थे कि नौकरी मिल गई है। पैसा हवाला के माध्यम से दे दें। पैसा पवन गांधी दिल्ली में लेता था। इसके बाद बंधक बनाए गए व्यक्ति की आंख पर पट्टी बांधकर कैंट रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया जाता था। गिरोह के सदस्यों द्वारा अब तक 40 लोगों को बंधक बनाकर अवैध वसूली की जा चुकी है।