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UP : 25 हजार के इनामी BSP नेता को STF ने किया अरेस्ट, 12 साल सेना में नौकरी की; ठगी के पैसे से लड़ा था चुनाव

Thu, 23 Jan 2025 09:49 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आरोपी लल्लन यादव के खिलाफ कई थानों में लगभग 20 मुकदमें दर्ज हैं। वह गाजीपुर का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी के बाद घोसी थाने की पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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एसटीएफ की गिरफ्त में लल्लन यादव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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UPSTF : यूपी-एसटीएफ ने सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर आमजन को ठगने के एक आरोपी को गुरुवार को श्रीनगर कॉलोनी, पहड़िया से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के बोरसिया फादनपुर के मूल निवासी और श्रीनगर कॉलोनी, पहड़िया में रहने वाले लल्लन यादव के रूप में हुई। 

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लल्लन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किया गया है। लल्लन यादव वर्ष 2024 में बलिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से बसपा का प्रत्याशी रहा है।

यूपी-एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पूर्वांचल में सक्रिय है। एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसआई शहजादा खां की टीम अभिसूचना संकलन के लिए गठित की गई।
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तफ्तीश के क्रम में पता लगा कि सेना में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का सरगना और मऊ जिले के घोसी थाने का पुरस्कार घोषित बदमाश लल्लन यादव श्रीनगर कॉलोनी के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने छापा मार कर लल्लन को गिरफ्तार कर लिया। 

लल्लन के खिलाफ वाराणसी, मऊ, गाजीपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और झारखंड के पलामू जिले में 20 मुकदमे दर्ज हैं। उसे आगे की कार्रवाई के लिए घोसी थाने की पुलिस को सौंपा गया है।

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12 साल सेना में नौकरी की, ठगी के पैसे से लड़ा था चुनाव
एसटीएफ की पूछताछ में लल्लन यादव ने बताया कि वह वर्ष 1998 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। वर्ष 2010 में अवकाश लिया तो फिर वापस नहीं गया। इसके बाद सेना में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने लगा। 

वर्ष 2017 में तकरीबन 50 अभ्यर्थियों से सेना में भर्ती कराने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपये अपने बैंक खाते में लिया था। नौकरी के नाम पर ठगी से इकट्ठा किए गए पैसे से वह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बलिया संसदीय क्षेत्र से बसपा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गया। 

सेना में भर्ती न होने पर अभ्यर्थी और उनके परिजन उससे अपना पैसा वापस मांगने लगे। लल्लन अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाकर पैसा वापस करने में टालमटोल करता रहा। उसकी ठगी की करतूत उजागर हो गई तो पैसा देने वाले अभ्यर्थियों ने उस पर मुकदमा दर्ज कराना शुरू कर दिया।
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