12 साल सेना में नौकरी की, ठगी के पैसे से लड़ा था चुनाव
एसटीएफ की पूछताछ में लल्लन यादव ने बताया कि वह वर्ष 1998 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। वर्ष 2010 में अवकाश लिया तो फिर वापस नहीं गया। इसके बाद सेना में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने लगा।
वर्ष 2017 में तकरीबन 50 अभ्यर्थियों से सेना में भर्ती कराने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपये अपने बैंक खाते में लिया था। नौकरी के नाम पर ठगी से इकट्ठा किए गए पैसे से वह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बलिया संसदीय क्षेत्र से बसपा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गया।
सेना में भर्ती न होने पर अभ्यर्थी और उनके परिजन उससे अपना पैसा वापस मांगने लगे। लल्लन अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाकर पैसा वापस करने में टालमटोल करता रहा। उसकी ठगी की करतूत उजागर हो गई तो पैसा देने वाले अभ्यर्थियों ने उस पर मुकदमा दर्ज कराना शुरू कर दिया।